डेली24 भारत डेस्क: ग्रेटर नोएडा के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भारत के एविएशन सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलता है. यह एयरपोर्ट आने वाले समय में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की क्षमता रखता है और भारत को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है.
जेवर एयरपोर्ट का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है. पहले चरण के पूरा होने के बाद यहां से घरेलू और कार्गो उड़ानों की शुरुआत होगी. अप्रैल के अंत तक उड़ान सेवाएं शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है. शुरुआत में करीब 10 शहरों को जोड़ा जाएगा, जबकि भविष्य में 65 से अधिक शहरों के लिए कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है. इस एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जहां पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे.
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भारत में “सबसे बड़ा एयरपोर्ट” तय करने के कई मानक होते हैं. जैसे यात्री क्षमता, क्षेत्रफल और उड़ानों की संख्या. इन मानकों के आधार पर देश के पांच प्रमुख एयरपोर्ट्स की चर्चा इस प्रकार है…
- सबसे पहले आता है इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो यात्री क्षमता और व्यस्तता के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है. दिल्ली स्थित यह एयरपोर्ट सालाना लगभग 10 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है. यहां से प्रतिदिन 1300 से अधिक उड़ानें संचालित होती हैं, जो इसे देश का सबसे व्यस्त एविएशन हब बनाती हैं.
- दूसरे स्थान पर राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आता है, जो क्षेत्रफल के लिहाज से वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जाता है. लगभग 5500 एकड़ में फैला यह एयरपोर्ट अपनी आधुनिक सुविधाओं और उत्कृष्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जाता है. इसकी वर्तमान यात्री क्षमता लगभग 3.4 करोड़ है, जिसे विस्तार के बाद 5 करोड़ तक बढ़ाया जाएगा.
- तीसरे स्थान पर केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग 4000 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है. यह एयरपोर्ट खासतौर पर अपने ‘गार्डन टर्मिनल’ यानी टर्मिनल-2 के लिए प्रसिद्ध है. यहां से रोजाना 700 से 800 उड़ानें संचालित होती हैं और इसकी सालाना यात्री क्षमता लगभग 6 करोड़ है.
- चौथे स्थान पर छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आता है, जो देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थित है. यह एयरपोर्ट क्षेत्रफल में छोटा होने के बावजूद अत्यधिक व्यस्त है. एक ही रनवे के साथ यहां से प्रतिदिन 900 से अधिक उड़ानें संचालित होती हैं. इसकी यात्री क्षमता लगभग 5 करोड़ प्रतिवर्ष है, जो इसे दुनिया के सबसे अधिक ट्रैफिक संभालने वाले एयरपोर्ट्स में शामिल करती है.
- पांचवें स्थान पर अब नया नाम जुड़ता है, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट. हालांकि यह अभी निर्माणाधीन है, लेकिन पहले चरण के पूरा होते ही यह देश के बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो जाएगा. प्रारंभिक चरण में इसकी यात्री क्षमता 1.2 करोड़ होगी, जो सभी चरणों के पूरा होने के बाद 7 करोड़ से अधिक हो जाएगी. 5000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला यह एयरपोर्ट भविष्य में भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की क्षमता रखता है.
जेवर एयरपोर्ट का महत्व केवल इसके आकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर भारत के विकास को नई गति देगा. इससे दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते एयर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा. इसके अलावा, यह एयरपोर्ट हजारों रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा.
नोएडा : पीएम मोदी पहुंचे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट। एयरपोर्ट का लिया जायजा। सीएम योगी, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक मौजूद। यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद।@myogiadityanath @narendramodi#UPDevelopment #NoidaInternationalAirport… pic.twitter.com/S0xOISgXnF
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कहा जा सकता है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भारत के एविएशन इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा. यह परियोजना न केवल आधुनिक भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है, बल्कि देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट भारत के सबसे महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट हब्स में से एक बनकर उभरेगा और देश के विकास की नई उड़ान को गति देगा.
खुशी डैंग, प्रोड्यूसर