डेली24भारत डेस्क: बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की दिशा में एक बड़ा और प्रतीकात्मक कदम उठाया है। दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 को भारतीय नागरिकों के लिए सभी वीजा सेवाओं को बहाल कर दिया, जिन्हें पूर्व प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस की सरकार ने करीब दो महीने पहले राजनयिक तनाव के कारण रोक दिया था। इस बहाली में चिकित्सा, पर्यटन, शिक्षा और अन्य सभी प्रमुख वीजा कैटेगरी शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल प्रशासनिक सुविधा बहाल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश और भारत के बीच नए राजनीतिक दौर की शुरुआत का संकेत भी है। बीएनपी के नेतृत्व वाली नई सरकार के सत्ता में आने के तीन महीने बाद यह फैसला आया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति मौजूद है।
भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने बांग्लादेश में मीडिया से कहा कि अब बांग्लादेशी नागरिकों के लिए भी सभी वीजा सेवाएं धीरे-धीरे बहाल की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा जारी किए जा रहे हैं, और बाकी कैटेगरी वीजा को फिर से शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि भारत-बांग्लादेश संबंध आपसी सम्मान, साझा हितों और रणनीतिक सहयोग पर आधारित हैं।
हालांकि, यह बदलाव पिछले साल दिसंबर में हुई घटनाओं से जुड़ी पृष्ठभूमि को भी ध्यान में रखता है। तब कट्टरपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की सिंगापुर में मौत ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया था। हादी की मौत की सूचना के बाद 18 दिसंबर की रात चटगांव में प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सहायक उच्चायोग के सामने प्रदर्शन किया और पत्थरबाजी की, जिसके परिणामस्वरूप भारत ने 21 दिसंबर से हाई कमीशन के सभी कांसुलर कार्यों को निलंबित कर दिया था।
अब, बांग्लादेश में नई सरकार के सत्ता में आने और इस बहाली के साथ, यह संकेत मिल रहा है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक और आर्थिक सहयोग को पुनः गति दी जा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि भारत-बांग्लादेश संबंध न केवल सीमा पार व्यापार और निवेश के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग के लिए भी अहम हैं। इस बहाली से उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच यात्रा, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी सहज सहयोग फिर से शुरू होगा, और आम नागरिकों के लिए यात्रा और वीजा प्रक्रियाएं आसान बनेंगी।
इस निर्णय को नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, दोनों देश आपसी सहयोग और साझा हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि इस बहाली का प्रभाव सिर्फ प्रशासनिक सुविधाओं तक सीमित रहेगा या इसके जरिए भारत-बांग्लादेश संबंधों में स्थायी सुधार और भरोसे का नया अध्याय शुरू होगा।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर