Daily 24 भारत डेस्क: देश के पहले सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म भारत टैक्सी का शुभारंभ हो चुका है. कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया. उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म से चालक न केवल अधिक मुनाफा कमा पाएंगे, बल्कि सम्मान के साथ इसके मालिक भी होंगे.
भारत सरकार की कोशिशों में बड़ी उपलब्धि
भारत टैक्सी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकार से समृद्धि विजन के अनुरूप सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी समाधान बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. प्लेटफॉर्म ड्राइवरों को स्वामित्व और संचालन का अधिकार देता है, जिससे वे पारंपरिक एग्रीगेटर आधारित मॉडल से मुक्त हो सकेंगे. इसमें शून्य-कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल अपनाया गया है, जिससे लाभ सीधे ड्राइवरों तक पहुंचेगा. इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ड्राइवरों को बीमा, स्वास्थ्य सहायता और डिजिटल सशक्तिकरण जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं. भारत टैक्सी भारत का पहला सहकारिता-नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जो ड्राइवर स्वामित्व और लाभ वितरण के नए मानक स्थापित करता है.
6 सारथियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में सहकारिता-आधारित मोबिलिटी इकोसिस्टम में विशेष योगदान देने वाले शीर्ष छह सारथियों को सम्मानित किया गया. मंत्री ने उन्हें शेयर प्रमाणपत्र प्रदान किया, जिससे सारथी ही मालिक के सिद्धांत को मजबूती मिली है. प्रत्येक सम्मानित सारथी को 5 लाख रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपए का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा भी दिया गया, जो भारत टैक्सी की ड्राइवर कल्याण और दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
सहकारिता से बहुत सारे लोग मिलकर छोटी-छोटी पूंजी लगाकर कैसे बड़ी शुरुआत कर सकते हैं, ‘भारत टैक्सी’ इसका उदाहरण है. टैक्सी चालक बहनों-भाइयों के लिए बहुत ही अहम है. उनके द्वारा शुरू की गई सहकारी क्षेत्र की पहली टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ का नई दिल्ली में शुभारंभ हुआ. चालक बहन-भाई ‘भारत टैक्सी’ से न सिर्फ अधिक मुनाफा कमा पाएँगे, बल्कि सम्मान के साथ इसके मालिक भी होंगे.
सर्ज-फ्री राइड और महिला सशक्तिकरण
भारत का पहला सहकारिता-नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म भारत टैक्सी डिजिटल सशक्तिकरण, सुरक्षा और सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए नौ सार्वजनिक और निजी हितधारकों के साथ समझौते (एमओयू) करेगा. 6 जून 2025 को स्थापित इस प्लेटफॉर्म को बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत किया गया है. यह शून्य-कमीशन और सर्ज-फ्री प्राइसिंग मॉडल पर काम करता है, जिससे लाभ सीधे ड्राइवरों तक पहुंचता है और विदेशी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स का स्वदेशी विकल्प बनता है.
भारत टैक्सी सामाजिक सुरक्षा पर भी जोर देता है. ड्राइवरों को स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और सहायता केंद्र उपलब्ध कराए जाते हैं. महिला सशक्तिकरण के लिए बाइक दीदी जैसी पहलें चलाई जा रही हैं, जिनमें अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर जुड़ चुकी हैं. स्थापना के बाद से यह प्लेटफॉर्म दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइवर-स्वामित्व वाला मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बन गया है. अब तक लगभग चार लाख ड्राइवर और दस लाख से अधिक उपयोगकर्ता जुड़े हैं. लगभग 10 करोड़ रुपये सीधे ड्राइवरों में वितरित किए जा चुके हैं.