डेली24भारत डेस्क: यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा को लेकर बड़ा नीतिगत बदलाव किया है, जो IAS, IPS और IFS जैसी सेवाओं में चयनित उम्मीदवारों पर सीधे लागू होगा। अब सर्विस जॉइन करने के बाद बार-बार सिविल सेवा परीक्षा देने की सुविधा खत्म कर दी गई है। CSE-2026 नोटिफिकेशन में आयोग ने मल्टीपल अटेम्प्ट और सर्विस बदलने को लेकर सख्त नियम तय किए हैं। इसका मकसद चयन प्रक्रिया को स्थिर बनाना और बार-बार सर्विस स्विच करने की प्रवृत्ति को रोकना है। नीचे पूरे नियम आसान और विस्तृत पॉइंट्स में समझिए:
- जो उम्मीदवार CSE-2025 या उससे पहले के रिजल्ट के आधार पर किसी सिविल सेवा में चयनित होकर जॉइन कर चुके हैं, उन्हें सिर्फ एक अतिरिक्त मौका मिलेगा — CSE-2026 या CSE-2027 में से किसी एक में बैठने का।
- CSE-2028 या उसके बाद फिर से परीक्षा देने के लिए उम्मीदवार को अपनी मौजूदा सर्विस से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा।
- जो उम्मीदवार पहले से IAS या IFS में नियुक्त हैं और सर्विस में बने हुए हैं, वे CSE-2026 में बैठने के पात्र नहीं होंगे।
- यदि कोई उम्मीदवार प्रीलिम्स पास कर लेता है, लेकिन उसके बाद पिछली परीक्षा के आधार पर IAS या IFS अलॉट हो जाती है, तो उसे मेन्स परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिलेगी।
- अगर मेन्स परीक्षा शुरू होने के बाद लेकिन रिजल्ट से पहले IAS या IFS में नियुक्ति हो जाती है, तो उस साल के रिजल्ट से नई सर्विस नहीं दी जाएगी।
- जो उम्मीदवार पहले से IPS में चयनित है, वह अगली परीक्षा के जरिए दोबारा IPS का विकल्प नहीं चुन सकेगा।
- IAS, IPS या ग्रुप-A सेवा मिलने के बाद CSE-2027 देने के लिए ट्रेनिंग से छूट जरूरी होगी, और यह छूट सिर्फ एक बार मिलेगी।
- फाउंडेशन कोर्स (ट्रेनिंग) जॉइन करना जरूरी है। बिना जॉइन किए और बिना आधिकारिक छूट के सर्विस अलॉटमेंट रद्द कर दिया जाएगा।
- अगर उम्मीदवार CSE-2027 में दोबारा चयनित होता है, तो नई चुनी गई सर्विस रख सकेगा और पुरानी सर्विस का आवंटन अपने आप खत्म हो जाएगा।
- अगर उम्मीदवार किसी भी चयन के बाद ट्रेनिंग जॉइन नहीं करता, तो दोनों सेलेक्शन रद्द हो सकते हैं।
- पहले दो सफल अटेम्प्ट के बाद तीसरी बार परीक्षा देने के लिए सर्विस से इस्तीफा देना जरूरी होगा।
आवेदन से जुड़ी जरूरी जानकारी भी जारी कर दी गई है। CSE-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 फरवरी से शुरू हो चुकी है और फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 24 फरवरी 2026 है। इस भर्ती अभियान के तहत करीब 933 पद भरे जाएंगे, जिनमें 33 पद दिव्यांग वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
यह बदलाव UPSC परीक्षा सिस्टम में बड़ा स्ट्रक्चरल सुधार माना जा रहा है, जो भविष्य में चयन और सर्विस आवंटन को ज्यादा स्पष्ट और नियंत्रित बनाएगा।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर