डेली24भारत डेस्क: वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसे प्राचीन समुद्री सांप की पहचान की है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा समुद्री सांप माना जा रहा है। यह जीव इंसान के पृथ्वी पर आने से लाखों साल पहले महासागरों में अपने भव्य अस्तित्व के साथ घूमता था। इसका नाम पैलियोफिस कोलोसियस रखा गया है, और इसका विशाल आकार वैज्ञानिकों के लिए चौंकाने वाला है। इस सांप की लंबाई, लगभग 8 से 12 मीटर तक, आज के किसी भी समुद्री सांप से कई गुना अधिक थी।
शोधकर्ताओं के अनुसार, पैलियोफिस कोलोसियस गहरे समुद्र में नहीं बल्कि उथले पानी वाले क्षेत्रों में रहता था—ऐसे स्थान जो आज पूरी तरह बदल चुके हैं। यह भूभाग, जो कभी उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्सों को ढकता था, ट्रांस-सहारा सीवे के रूप में जाना जाता था। उस समय का वैश्विक तापमान आज की तुलना में कहीं अधिक गर्म था, और यह क्षेत्र आज के रेगिस्तान की तुलना में समुद्र और तटीय जल से भरा हुआ था।
इस विशाल शिकारी का आहार और व्यवहार भी अत्यंत रोचक है। वैज्ञानिक मानते हैं कि इसके भोजन में शायद बड़ी मछलियाँ, शार्क और अन्य समुद्री सरीसृप शामिल थे। पैलियोफिस कोलोसियस अपने समय के समुद्री इकोसिस्टम में टॉप प्रीडेटर था। इसकी विशाल रीढ़ की हड्डियाँ—जो अब तक मिली सबसे बड़ी हड्डियाँ हैं—से पता चलता है कि यह न केवल लंबा था, बल्कि शक्ति में भी अतुलनीय था। यदि इसकी खोपड़ी आधुनिक समुद्री सांपों की तरह लचीली थी, तो यह बहुत बड़े शिकार को भी निगल सकता था, जिसमें डॉयरोसॉरिड जैसे बड़े मगरमच्छ-सरीसृप भी शामिल हो सकते थे।
यह जीव आज के समुद्री सांपों से बिलकुल अलग था। वर्तमान में सबसे लंबा समुद्री सांप केवल लगभग 3 मीटर लंबा होता है। इसके विपरीत, पैलियोफिस कोलोसियस का विशाल शरीर और शिकारी क्षमता इसे प्राचीन महासागरों का एक सच्चा दिग्गज बनाती थी। इसे देखकर ऐसा लगता है कि पुराने महासागरों में जीवाश्मों और बड़े सरीसृपों ने आज की कल्पनाओं से कहीं अधिक शक्तिशाली और भयानक जीवन के रूप धारण किए थे।
पैलियोफिस कोलोसियस की खोज समुद्री सरीसृपों के अध्ययन में नई क्रांति ला सकती है। यह हमें बताती है कि कभी-कभी हमारे वर्तमान के छोटे और सीमित जीव भी प्राचीन समय में विशाल और भयावह होते थे। यह जीव न केवल आकार में विशाल था, बल्कि अपने समय के समुद्री तंत्र का सर्वोच्च शिकारी भी था।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर