Daily 24 भारत डेस्क: जर्मनी की मशहूर स्पोर्ट्सवियर कंपनी प्यूमा (PUMA), जो दुनिया भर में अपने जूते, कपड़े और एक्सेसरीज़ के लिए जानी जाती है, ने वैश्विक स्तर पर 900 कर्मचारियों की छंटनी करने का ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि यह निर्णय उसकी घटती बिक्री और मुनाफे पर बढ़ते दबाव के चलते लिया गया है।
बिक्री में भारी गिरावट
प्यूमा ने अपनी तीसरी तिमाही (July–September) की वित्तीय रिपोर्ट में बताया कि उसकी बिक्री मुद्रा समायोजन के बाद 10.4% गिरकर 1.96 अरब यूरो (करीब 2.29 अरब डॉलर) रह गई है।
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब कंपनी अमेरिकी आयात शुल्क (टैरिफ) और वैश्विक बाजार में कम मांग जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।
स्पोर्ट्सवियर इंडस्ट्री में इस समय एडिडास (Adidas) और नाइकी (Nike) जैसी कंपनियों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा है। बदलते फैशन ट्रेंड्स, घटती क्रय शक्ति और आर्थिक मंदी के असर ने भी प्यूमा की बिक्री को प्रभावित किया है।
कंपनी का बयान
प्यूमा प्रबंधन ने कहा, “हम एक कठिन आर्थिक माहौल में काम कर रहे हैं। हमें अपने संचालन को सरल बनाना होगा ताकि हम अधिक चुस्ती के साथ काम कर सकें और अपने ब्रांड को मजबूत बनाए रख सकें।”
कंपनी ने यह भी बताया कि छंटनी मुख्यतः कॉर्पोरेट और प्रबंधन स्तर पर की जाएगी, ताकि लागत में कटौती और कार्यकुशलता बढ़ाई जा सके।
छंटनी की रूपरेखा
- कुल प्रभावित कर्मचारी: 900
- क्षेत्र: वैश्विक स्तर (विभिन्न देशों के कॉर्पोरेट ऑफिस प्रभावित होंगे)
- समय सीमा: 2026 के अंत तक
- लक्ष्य: खर्चों में कमी, संचालन को सरल बनाना और लाभप्रदता बढ़ाना
बाजार विशेषज्ञों की राय
विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम भले ही कठिन हो, लेकिन लंबी अवधि में कंपनी की स्थिरता के लिए ज़रूरी है।
प्यूमा वर्तमान में अपने उत्पादों की रेंज, आपूर्ति श्रृंखला (supply chain), और मार्केटिंग रणनीति को नए सिरे से पुनर्गठित (restructure) करने में जुटी है।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी अगर डिजिटल सेल्स, सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स और युवा उपभोक्ताओं की पसंद पर फोकस बढ़ाए, तो वह आने वाले वर्षों में अपनी पुरानी रफ्तार फिर से हासिल कर सकती है।
प्यूमा की यह छंटनी सिर्फ नौकरी में कमी का मामला नहीं है, बल्कि यह संकेत देती है कि वैश्विक स्पोर्ट्सवियर इंडस्ट्री किस तरह आर्थिक दबाव और बदलते बाजार रुझानों से गुजर रही है।
जहाँ एक ओर कंपनियाँ मुनाफा बचाने के लिए खर्चों में कटौती कर रही हैं, वहीं उन्हें नवाचार (innovation) और ब्रांड वैल्यू बनाए रखने की चुनौती भी है।
भावना सिंह, प्रोडेयूसर