Daily 24 भारत डेस्क: अमेरिकी फाइनेंसर और दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की मौत को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है. हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा एपस्टीन से जुड़े कुछ नए दस्तावेज जारी किए जाने के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल मच गई थी. अब इस मामले में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसने आत्महत्या की आधिकारिक थ्योरी पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर (MCC) जेल में एपस्टीन मृत पाए गए थे. आधिकारिक जांच में उनकी मौत को आत्महत्या बताया गया था. उस समय FBI ने कहा था कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह निष्कर्ष उचित है और किसी साजिश या आपराधिक हस्तक्षेप का ठोस प्रमाण नहीं मिला. एपस्टीन एस्टेट द्वारा नियुक्त किए गए अनुभवी फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. माइकल बैडेन ने अब दावा किया है कि एपस्टीन की मौत फांसी लगाने से नहीं बल्कि गला दबाए जाने के कारण हुई हो सकती है.
बैडेन के अनुसार, एपस्टीन की गर्दन में तीन अलग-अलग फ्रैक्चर पाए गए थे —उनका कहना है कि मेडिकल पाठ्यपुस्तकों के अनुसार फांसी के मामलों में इस प्रकार के कई फ्रैक्चर कम ही देखे जाते हैं. बैडेन ने यह भी कहा कि यदि एक भी फ्रैक्चर मिले तो हत्या की संभावना की गहन जांच आवश्यक हो जाती है, जबकि दो या तीन फ्रैक्चर विस्तृत जांच की मांग करते हैं. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह न्यूयॉर्क मेडिकल एग्जामिनर ऑफिस के आत्महत्या वाले निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं और मामले में दोबारा जांच की आवश्यकता है.
दूसरी ओर, FBI और DOJ अपने पहले के निष्कर्ष पर कायम हैं. अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर आत्महत्या का निष्कर्ष उचित है और अब तक किसी साजिश का ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है. इन्हीं कारणों से एपस्टीन की मौत को लेकर कई षड्यंत्र सिद्धांत समय-समय पर सामने आते रहे हैं. जेफ्री एपस्टीन की मौत आज भी रहस्य और विवाद का विषय बनी हुई है. एक ओर आधिकारिक एजेंसियां आत्महत्या के निष्कर्ष पर कायम हैं, तो दूसरी ओर फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. माइकल बैडेन जैसे लोग हत्या की संभावना से इनकार नहीं कर रहे. अब देखना यह होगा कि क्या भविष्य में इस मामले में कोई नई जांच या कानूनी कार्रवाई होती है, या यह विवाद इसी तरह राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना रहेगा.