Daily 24 भारत डेस्क: लोकसभा में एक बार फिर सियासी टकराव तेज़ हो गया है. कांग्रेस पार्टी ने विपक्ष के कई दलों के साथ मिलकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है. कांग्रेस का आरोप है कि स्पीकर सदन की कार्यवाही एकतरफा तरीके से चला रहे हैं और विपक्ष की आवाज़ को दबाया जा रहा है. हालांकि इस प्रस्ताव पर तृणमूल कांग्रेस के किसी भी नेता के हस्ताक्षर नहीं हैं.
कांग्रेस पार्टी ने विपक्ष के अन्य दलों के साथ मिलकर लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा है. यह नोटिस लोकसभा के नियम 94C और संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत दिया गया है. लोकसभा सचिवालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, स्पीकर ओम बिरला ने सेक्रेटरी जनरल-लोकसभा को नोटिस की जांच करने और इस पर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. कांग्रेस द्वारा पेश किए गए नो-कॉन्फिडेंस मोशन में आरोप लगाया गया है कि स्पीकर लोकसभा का संचालन खुलेआम एकतरफा ढंग से कर रहे हैं.
प्रस्ताव में कहा गया है कि कई मौकों पर विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं दी गई, जो संसद में उनका बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार है. कांग्रेस का कहना है कि लगातार विपक्ष की आवाज़ को दबाया जा रहा है और इसी वजह से स्पीकर के खिलाफ यह कदम उठाया गया है. हालांकि इस अविश्वास प्रस्ताव पर तृणमूल कांग्रेस के किसी भी सांसद के हस्ताक्षर नहीं हैं, जिससे विपक्ष की एकजुटता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
अब देखना यह होगा कि लोकसभा सचिवालय इस नोटिस पर क्या फैसला करता है और क्या यह प्रस्ताव सदन में चर्चा के लिए स्वीकार किया जाता है या नहीं. फिलहाल संसद के भीतर और बाहर सियासी सरगर्मी तेज़ हो गई है.