Daily 24 भारत डेस्क: राजधानी दिल्ली में सालों से खड़े कचरे के पहाड़ अब इतिहास बनने की ओर हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लैंडफिल साइट्स को लेकर बड़ा दावा किया है. ओखला और भलस्वा से 2026 के अंत तक कचरा पूरी तरह हटाने का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि गाजीपुर को लेकर भी समयसीमा सामने आई है.
दिल्ली के ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट पर जमा लीगेसी वेस्ट को हटाने का काम तेज़ी से चल रहा है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, इन दोनों जगहों पर सालों से जमा मिट्टी, प्लास्टिक, कांच और धातुओं को अलग-अलग कर प्रोसेस किया जा रहा है और सरकार को उम्मीद है कि 2026 के अंत तक ये पहाड़ पूरी तरह खत्म हो जाएंगे.
गाजीपुर लैंडफिल साइट, जो दिल्ली का तीसरा और सबसे बड़ा कचरे का पहाड़ है, उसे पूरी तरह साफ करने में अभी करीब दो साल और लग सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि रोज़ाना निकलने वाले कचरे के 100 फीसदी निस्तारण के लिए नए वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट्स की क्षमता बढ़ाई जा रही है ताकि भविष्य में नए कचरे के ढेर न बनें.“दिल्ली में कचरे के स्थायी समाधान के लिए हमारी सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है. पुराने कचरे को खत्म किया जा रहा है और नए कचरे के वैज्ञानिक निपटान की व्यवस्था की जा रही है.”
मुख्यमंत्री ने पूर्व की कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सरकारों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद वेस्ट मैनेजमेंट पर ठोस काम नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि दिल्ली का पहला बायोगैस प्लांट उनकी सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ है, जिसमें फिलहाल 200 टन गोबर प्रोसेस किया जा रहा है, जबकि 400 टन क्षमता वाले नए प्लांट इसी साल के अंत तक शुरू हो जाएंगे.सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से दिल्ली को कचरे के पहाड़ों से स्थायी राहत मिलेगी और राजधानी को स्वच्छ बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.