Daily 24 भारत डेस्क: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने प्राथमिक कक्षाओं में मोबाइल फोन के माध्यम से पढ़ाई कराने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. इस संबंध में आयोग की ओर से गुरुवार को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है. यह फैसला गाजियाबाद में तीन सगी बहनों द्वारा कथित तौर पर कोरियन लव गेम के प्रभाव में आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद लिया गया है.
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान ने कहा कि प्राथमिक स्तर के बच्चे तेजी से मोबाइल फोन के आदी होते जा रहे हैं. पढ़ाई के नाम पर मोबाइल का उपयोग करते हुए बच्चे अनजाने में खतरनाक मोबाइल गेम्स और अन्य अनुपयुक्त कंटेंट तक पहुंच बना लेते हैं, जो उनके मानसिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद घातक है.
लखनऊ: बच्चों को मोबाइल से पढ़ाई कराने पर महिला आयोग सख्त। यूपी राज्य महिला आयोग ने सभी जिलों के DM को पत्र लिखकर प्राथमिक कक्षाओं में मोबाइल से पढ़ाई पर तत्काल रोक के निर्देश दिए। गाजियाबाद की घटना के बाद बच्चों में मोबाइल की लत पर चिंता जताई गई।@UMahilaayog @myogiadityanath… pic.twitter.com/xcejPfamJx
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) February 6, 2026
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मजबूरी में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई थी, लेकिन अब भी कई विद्यालय प्राथमिक कक्षाओं में मोबाइल आधारित शिक्षा पर जोर दे रहे हैं, जो चिंता का विषय है. इससे बच्चों में मोबाइल की लत बढ़ रही है. इसे समय रहते रोकना बेहद जरूरी है.
आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि गाजियाबाद की घटना में प्रथम दृष्टया मोबाइल गेम खेलने का मामला सामने आया है. ऐसे में शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है. बच्चों, खासकर बालिकाओं की सुरक्षा को देखते हुए डिजिटल अनुशासन को अनिवार्य किया जाना चाहिए. महिला आयोग ने जिलाधिकारियों से निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने और प्राथमिक स्तर की कक्षाओं में मोबाइल फोन से पढ़ाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है.