Daily 24 भारत डेस्क: अली डे के मौके पर नोएडा सैक्टर 22 स्तिथ जावेद ख़ान के घर पर सबील का आयोजन किया गया. जिसमें सभी को तबर्रुक(प्रसाद) बांटा गया. हर साल की तरह हज़रत अली का जन्मदिन पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ धूम धाम से मनाया गया. लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर अली डे की मुबारकबाद पेश की, मुल्क और कौम की सलामती की दुआ की.
हज़रत अली का असली नाम अली इब्ने अबी तालिब था. इस्लामी कैलेंडर के रजब माह की 13 तारीख को यानी 601 ई में हज़रत अली का जन्म हुआ था. आज के दिन सभी मुसलमान एक-दूसरे को हज़रत अली के जन्मदिन की बधाई देते हैं और उनके द्वारा कहे गए शांति संदेशों को याद करते हैं. हज़रत अली लोगों को हमेशा शांति और अमन का पैगाम दिया.
Ali Day 2026 के मौके पर लोगों में दिखा खास उत्साह। लोगों ने मुल्क की सलामती और अमन-चैन के लिए मांगी दुआ।#AliDay2026 #HazratAliBirthAnniversary #13rajabmubarak pic.twitter.com/UCuq4QWdgf
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) January 3, 2026
जानें, कौन थे हज़रत अली
हज़रत अली शिया मुस्लिम समुदाय के पहले इमाम थे. वहीं हज़रत मोहम्मद पैगंबर के बाद सुन्नी मुसलमानों के चौथे खलीफा भी थे. इनका जन्म मक्का में हुआ था. हज़रत अली ने अमन और शांति का पैगाम दिया और बता दिया कि इस्लाम अहिंसा के पक्ष में है. उन्होंने कहा था कि इस्लाम इंसानियत का धर्म है. उन्होंने हमेशा राष्ट्रप्रेम और समाज से भेदभाव हटाने की कोशिश की.
हज़रत अली के संदेश आज भी याद किए जाते हैं
- भीख मांगने से बदतर कोई और चीज़ नहीं होती है.
- अपनी ज़ुबान की हिफाज़त इस तरह करो, जिस तरह तुम अपने माल की हिफाज़त करते हो.
- सोच समझकर बोलें. बोलने से पहले शब्द आपके गुलाम होते हैं लेकिन बोलने के बाद आप लफ्जों के गुलाम बन जाते हैं.
- अपनी सोच को पानी की बूंदों से भी ज्यादा साफ रखो. क्योंकि जिस तरह बूंदों से दरिया बनता है उसी तरह सोच से ईमान बनता है.