डेली24भारत डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले सियासी माहौल और भी गर्म हो गया है। जहां एक तरफ ममता बनर्जी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सत्ता में बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं, वहीं पार्टी के ही एक प्रमुख चेहरे के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
टीएमसी के बहरामपुर से लोकसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का एक बयान अब पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। दरअसल, रविवार को यूसुफ पठान गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान करने के लिए अपने गृह राज्य पहुंचे थे। वडोदरा में पत्नी और पिता के साथ वोट डालने के बाद जब उन्होंने मीडिया से बातचीत की, तो उनके शब्दों ने सियासी बहस को नया मोड़ दे दिया।
पठान ने साफ तौर पर कहा कि गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सत्ता से हटाना बेहद मुश्किल है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि राज्य में आने वाले 40 से 50 साल तक बीजेपी का शासन बना रह सकता है। उनके इस बयान को बीजेपी ने तुरंत लपक लिया और इसे अपने पक्ष में प्रचारित करना शुरू कर दिया।
पश्चिम बंगाल बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूसुफ पठान का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “सच्चाई यही है कि जो पार्टी मजबूत होती है, जनता के लिए काम करती है और लोकप्रिय होती है, वही सत्ता में रहती है।” बीजेपी ने इसे टीएमसी के भीतर से ही अपने शासन की स्वीकारोक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश की।
इतना ही नहीं, बीजेपी ने यह भी तंज कसा कि एक सांसद होने के बावजूद यूसुफ पठान गुजरात में रहते हैं और इसलिए वे वहां की बीजेपी सरकार के “सुशासन” को बेहतर तरीके से समझते हैं। पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि विकास, प्रशासन और जनता का विश्वास ही चुनावी नतीजों को तय करता है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला चल रहा है। ऐसे में विपक्षी पार्टी को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है, जिसे वह चुनावी नैरेटिव में भुनाने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने यूसुफ पठान को बहरामपुर सीट से उम्मीदवार बनाया था, जहां उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी। इसके बाद से वह टीएमसी के एक प्रमुख मुस्लिम चेहरे के रूप में उभरे हैं।
यूसुफ पठान का गुजरात के वडोदरा के तांदलजा इलाके में घर है और उनका वहां से गहरा जुड़ाव रहा है। हालांकि, उनके हालिया बयान के बाद अब सोशल मीडिया पर उन्हें तीखी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है। कई यूजर्स उनके बयान को “हिट विकेट” करार दे रहे हैं, तो कुछ इसे उनकी निजी राय बता रहे हैं।
कुल मिलाकर, एक चुनावी माहौल में दिया गया यह बयान अब राजनीतिक हथियार बन चुका है। देखना दिलचस्प होगा कि टीएमसी इस विवाद को कैसे संभालती है और क्या यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की चुनावी रणनीति पर कोई असर डालता है या नहीं।
भावना सिंह, प्रोडयूसर