डेली24 भारत डेस्क: भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों की आत्मा किसान है। जब किसान खुशहाल होता है, तब देश की अर्थव्यवस्था, समाज और भविष्य मजबूत होता है. ‘किसान सम्मान दिवस’ के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के परिश्रम, त्याग और योगदान को नमन करते हुए यही संदेश दिया. यह दिन केवल सम्मान का नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत, संघर्ष और उपलब्धियों को पहचान देने का प्रतीक बन गया. पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के जन्मदिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम किसानों के लिए नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का स्रोत बना.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसान सम्मान दिवस पर विधान भवन प्रांगण स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इसके पश्चात उन्होंने किसानों को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी और वैज्ञानिकों, एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों को सम्मानित किया. इस अवसर पर चौधरी चरण सिंह सीड पार्क, अटारी लखनऊ की प्लॉट आवंटन प्रक्रिया का शुभारंभ भी किया गया.
सीएम योगी ने अपने संबोधन में किसान समृद्धि योजना के तहत ट्रैक्टर पाने वाले किसानों के चेहरों की चमक का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि कोई किसान अपनी मां को तो कोई अपनी पत्नी को ट्रैक्टर में बिठाकर ले जा रहा है—यही किसान की असली ताकत है. किसान सर्दी, गर्मी और कठिन परिस्थितियों की परवाह किए बिना खेतों में पसीना बहाता है. जब वह अपनी अस्थियों में सर्दी समाहित कर धरती मां के साथ ऊर्जा का प्रवाह करता है, तब धरती अन्न उत्पादन के रूप में सोना उगलती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसानों ने अपनी मेहनत से अभूतपूर्व प्रगति की है. वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार किसान शासन के एजेंडे का केंद्रीय हिस्सा बना. स्वायल हेल्थ कार्ड योजना के माध्यम से धरती मां की सेहत की जानकारी किसानों तक पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से अन्नदाताओं को सुरक्षा दी गई, वहीं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, पीएम किसान सम्मान निधि और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी जैसी योजनाओं से किसानों को आर्थिक संबल मिला.
सीएम योगी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को ‘भारत रत्न’ देकर किसानों का मान बढ़ाया. उत्तर प्रदेश में लघु और सीमांत किसानों के लिए कृषि ऋण मोचन कार्यक्रम लागू किया गया, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली. पहले किसान किसी भी सरकारी योजना का केंद्र नहीं था, लेकिन आज शासन की हर योजना किसान के हित को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब बिचौलिये किसानों की फसल का दाम तय नहीं करते। यदि किसान को बाजार में अच्छा मूल्य नहीं मिलता, तो सरकार स्वयं उसकी फसल खरीदती है. इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में धान, गेहूं, चना, सरसों, बाजरा और मक्का जैसी फसलों का उत्पादन कई गुना बढ़ा है और खेती की लागत में भी कमी आई है. यही किसानों की वास्तविक समृद्धि का आधार है.
किसान सम्मान दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उस अन्नदाता के प्रति कृतज्ञता का भाव है, जो अपने श्रम से देश का पेट भरता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश स्पष्ट है कि किसान जितना मजबूत होगा, प्रदेश और देश उतना ही सशक्त होगा. योजनाओं, तकनीक और सम्मान के माध्यम से जब किसान को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा, तब भारत की कृषि और अर्थव्यवस्था स्वर्णिम भविष्य की ओर अग्रसर होगी. यही किसान सम्मान दिवस का सच्चा उद्देश्य और संदेश है…
खुशी डैंग, प्रोड्यूसर