Daily 24 भारत डेस्क: अंडा एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसे प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स का बेहतरीन स्रोत माना जाता है, लेकिन हाल के समय में कई रिपोर्टों में यह बात सामने आई है कि खराब अंडे जैसी चीजें खाने से पेट में बैक्टीरिया या पैरासाइट पनप सकते हैं, ये बैक्टीरिया पेट में संक्रमण पैदा करते हैं और खून के रास्ते लिवर तक पहुंच जाते हैं जिससे लिवर एब्सेस का रिस्क बढ़ जाता है.भारत में हर साल लिवर एब्सेस के हजारों मामले सामने आते हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, देश में हर 1 लाख लोगों में से लगभग 2.3 लोग इस बीमारी से प्रभावित होते हैं. पुरुषों में ये मामले महिलाओं के मुकाबले ज्यादा हैं. अगर समय पर इलाज न हो तो मौत का खतरा 10-20% तक है। हालांकि, सही समय पर डायग्नोसिस हो जाए तो इलाज आसान है.
क्या है लिवर एब्सेस?
लिवर एब्सेस में लिवर में पस की एक गांठ बन जाती है. यह संक्रमण की वजह से होता है, जैसे बैक्टीरिया, पैरासाइट या फंगस के कारण इन्फेक्शन. लिवर हमारे शरीर का प्रमुख अंग है, जो खाने को पचाने, विषैले पदार्थ निकालने और कई जरूरी काम करता है. जब संक्रमण लिवर तक पहुंचता है, तो वहां कोशिकाएं मरने लगती हैं और पस जमा हो जाता है. यह गांठ छोटी या बड़ी हो सकती है और कभी-कभी कई गांठें बन जाती हैं.
खराब अंडे से लिवर एब्सेस कैसे होता है?
खराब अंडे में अक्सर साल्मोनेला या एंटामीबा जैसे बैक्टीरिया और परजीवी होते हैं. ऐसे अंडे खाने पर पहले पेट में संक्रमण यानी की डायरिया, पेट दर्द होता है. फिर यह बैक्टीरिया खून के जरिए लिवर तक पहुंचकर वहां पस जमा कर देते हैं. भारत में दूषित पानी और मिलावटी खाने से अमीबिक लिवर एब्सेस सबसे ज्यादा पाया जाता है. इसलिए हमेशा ताजे अंडे चुनें और अच्छी तरह पकाकर खाएं.
लिवर एब्सेस के लक्षण शुरुआत में सामान्य दिखते हैं लेकिन धीरे-धीरे गंभीर हो सकते हैं, जैसे तेज बुखार और ठंड लगना, पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द, उल्टी या मतली, भूख में कमी, त्वचा और आंखों का पीला पड़ना, थकान और वजन कम होना, बुखार के साथ पसीना आना. वहीं अच्छे और खराब अंडे पहचानना आसान है. पहले देखें कि अच्छे अंडे का छिलका साफ और बिना दरार का होता है. खराब अंडे में बदबू आती है, यह सल्फर जैसी होती है. अंडे को पानी में डालकर चेक करें. अच्छा अंडा पानी में नीचे बैठ जाता है, सड़ा ऊपर तैरता है. इसे तोड़कर देखें कि सफेदी साफ और पीला हिस्सा गोल होना चाहिए. खराब अंडे का रंग बदला होता है. अंडों को हमेशा अच्छी तरह पकाकर खाएं. इससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है.
लिवर एब्सेस का इलाज आमतौर पर डॉक्टर की निगरानी में किया जाता है, जिसमें सबसे पहले रोगी को एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं, ताकि संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म किया जा सके, और यदि पस की मात्रा अधिक हो या दवा से सुधार न हो तो डॉक्टर अल्ट्रासाउंड या सीटी-गाइडेड सुई या कैथेटर ड्रेनेज प्रक्रिया के जरिए लीवर में जमा पस को बाहर निकालते हैं, इसके साथ ही रोगी को पर्याप्त आराम, तरल आहार, पानी की मात्रा बढ़ाने और शराब और चिकनाईयुक्त भोजन से परहेज करने की सलाह दी जाती है, ताकि लीवर को पुनः स्वस्थ होने में मदद मिल सके.
अंडा पोषण से भरपूर भोजन है, लेकिन यदि यह संक्रमित या खराब है, तो यह शरीर के लिए नुकसानदेह भी बन सकता है. लिवर एब्सेस जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे सरल तरीका है, अंडे की गुणवत्ता की सही पहचान और उसे पूरी तरह पकाकर खाना. थोड़ी सी सावधानी आपके स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकती है. याद रखें, स्वस्थ भोजन ही मजबूत इम्यूनिटी की नींव है.
खुशी डैंग, प्रोड्यूसर