Daily 24 भारत डेस्क : भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे शुल्क से दोनों देशों के बीच जो तनाव पैदा हुआ था, उसे खत्म करने की कोशिशें अब तेज हो गई हैं। इसी के तहत भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को कुआलालंपुर में मुलाकात की। यह बैठक आसियान शिखर सम्मेलन से इतर हुई।
मुलाकात का महत्व
जयशंकर ने कहा कि उन्हें कुआलालंपुर में विदेश मंत्री रुबियो से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत में दोनों ने भारत-अमेरिका के रिश्तों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% शुल्क लगाया था, जिसमें रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25% अतिरिक्त टैक्स भी शामिल था। इसी कारण दोनों देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे।
व्यापार समझौते पर बातचीत
भारत ने अमेरिका के इस कदम को अनुचित और अविवेकपूर्ण बताया था। इसी बीच जयशंकर और रुबियो की बातचीत में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अब तक इस समझौते के पांच दौर की वार्ता हो चुकी है और अधिकारियों का कहना है कि इसका पहला चरण जल्द ही पूरा हो सकता है।
अन्य देशों के नेताओं से भी मुलाकात
जयशंकर ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन, और थाईलैंड के विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ से भी अलग-अलग मुलाकात की। आसियान समूह में कुल 11 देश शामिल हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी वार्ता साझेदार हैं। इस बार समूह की अध्यक्षता मलेशिया कर रहा है और कुआलालंपुर में यह वार्षिक बैठक आयोजित की जा रही है।