Daily 24 भारत डेस्क: मुरादाबाद के एक मदरसे में 13 साल की बच्ची से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगने के बाद एक बार फिर से मदरसों की तालीम पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं. न सिर्फ सवाल बल्कि मदरसे में किस लिहाझ से ये डिमांड की जा रही ये भी चिंता का विषय है. सवाल उठ रहे हैं कि मदरसे में वर्जिनिटी सर्टिफिकेट का क्या काम ? तालीम के नाम पर क्यों भद्दा मजाक हो रहा है और अब इसको लेकर हिन्दूवादी नेता और मुस्लिम स्कॉलरों में भी कहासुनी का दौर शुरू हो गया है.
साध्वी प्राची ने खोली मौलाना की पोल
साध्वी ने मदरसे और मौलानाओं पर तीखे हमले किए और कहा कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उनका ये बयान सभा में मौजूद स्थानीय संगठन के नेताओं की ओर से पुष्प-आदर सहित स्वागत के बाद दिया गया. साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि मुरादाबाद के मदरसे में मौलाना ने नाबालिक छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगा. उनका कहना था कि मदरसे के मौलाना अपने परिवार की बहन‑बेटियों का भी वर्जिनिटी सर्टिफिकेट पेश करें, तब जाकर बात करूँगी. उन्होंने मदरसों पर पहले हथियार और आतंकवाद की ट्रेनिंग देने जैसे पुराने आरोपों का जिक्र करते हुए नई पहल के रूप में यह कदम बताया और मौलानाओं को कठोर शब्दों में आड़े हाथों लिया.
मौलाना शहाबुद्दीन ने दिया बयान
तो वहीं बरेली में आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने साध्वी प्राची के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि साध्वी प्राची सांप्रदायिक सोच रखती हैं और उनके बयान मुसलमानों के खिलाफ जहरीले और भड़काऊ हैं. जो देश के अमन-चैन और आपसी सौहार्द को बिगाड़ने का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को स्वयंसंज्ञान लेकर साध्वी प्राची के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि यह बयान हेट स्पीच की श्रेणी में आता है. मौलाना ने कहा कि देश में नफरत नहीं, भाईचारे और शांति का संदेश फैलाया जाना चाहिए.
लता के. सी.