Daily 24 भारत डेस्क: नोएडा के सेक्टर-150 में गहरे गड्ढे में कार के साथ डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है. इस घटना के बाद जहां एसआईटी जांच पूरी हो चुकी है, वहीं अब नोएडा अथॉरिटी ने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बड़ा फैसला लिया है.
बुधवार को नोएडा अथॉरिटी ने सिंचाई विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 27 करोड़ रुपये का फंड स्वीकृत किया है. इस राशि से सेक्टर-150 से लेकर सेक्टर-162 तक के कुल 13 सेक्टरों में जल निकासी की व्यवस्था की जाएगी. परियोजना के तहत नाला और रेगुलेटर बनाए जाएंगे, जिससे बारिश और सीवर का पानी हिंडन नदी में गिराया जा सकेगा.
अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2021 से इस इलाके में सीवर और पानी भरने की समस्या बनी हुई है. फिलहाल इन सेक्टरों में जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है. इस तकनीकी परियोजना में सर्वे, डिजाइन, टेंडर और निर्माण कार्य शामिल हैं, जिसे पूरा होने में लगभग एक साल का समय लग सकता है. हालांकि, स्थायी समाधान में समय लगने को देखते हुए नोएडा अथॉरिटी ने अस्थायी इंतजाम करने के निर्देश भी दिए हैं. सिंचाई विभाग द्वारा पंप सेट और अस्थायी ड्रेनेज सिस्टम के जरिए जमा पानी को जल्द निकालने की कोशिश की जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके.
नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि सिंचाई विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है और अब निर्माण कार्य वही विभाग कराएगा. परियोजना की निगरानी नोएडा अथॉरिटी करेगी और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा. गौरतलब है कि 16 जनवरी की रात सेक्टर-150 के गहरे गड्ढे में कार गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी. इस हादसे के बाद अथॉरिटी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे थे, जिसके बाद अब यह बड़ा कदम उठाया गया है.