Daily 24 भारत डेस्क: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के कीड़गंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक महिला IAS अधिकारी के मकान में छापेमारी कर कथित देह व्यापार के एक रैकेट का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार युवतियों और पांच युवकों को आपत्तिजनक स्थिति में हिरासत में लिया है।
उक्त मकान को करीब 15 हजार रुपये मासिक किराए पर लिया गया था। जानकारी के अनुसार, मकान किराए पर लेने वालों ने स्वयं को पारिवारिक निवासी बताया था, लेकिन बाद में वहां अवैध गतिविधियां संचालित की जाने लगीं। बीते कुछ समय से मोहल्ले के लोगों को संदिग्ध गतिविधियों की आशंका थी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। रविवार दोपहर पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस के पहुंचते ही मकान में अफरा-तफरी मच गई। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। पकड़ी गई युवतियों में दो प्रयागराज, एक वाराणसी और एक पश्चिम बंगाल की रहने वाली बताई जा रही हैं।
प्रयागराज: घनी आबादी वाले कीड़गंज इलाके में महिला IAS अधिकारी के 15 हजार रुपये किराए के मकान से कथित सेक्स रैकेट का खुलासा। रात में बढ़ती आवाजाही पर मोहल्ले वालों ने पुलिस को दी सूचना। छापेमारी में 4 लड़कियां, 4 लड़के और सरगना सर्वेश दुबे गिरफ्तार। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर… pic.twitter.com/kDUF7I7g6C
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) January 5, 2026
हर कमरे में लड़के-लड़कियां मिले
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय पहले गोपनीय तरीके से निगरानी शुरू की। संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और तय योजना के तहत पुलिस टीम ने अचानक मकान पर छापा मारा। पुलिस के अनुसार, दरवाजा खोलने के लिए कई बार आवाज दी गई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे शक और गहराया। इसके बाद दरवाजा जबरन खुलवाया गया। जैसे ही पुलिस अंदर दाखिल हुई, हर कमरे का नजारा देखकर टीम भी हैरान रह गई। छापेमारी के दौरान मकान के अलग-अलग कमरों से चार युवतियां और चार युवक आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए। तलाशी के दौरान कुछ संदिग्ध और आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। इसी दौरान मकान के बाहर खड़े एक व्यक्ति पर भी पुलिस को शक हुआ, पूछताछ में उसकी पहचान सर्वेश दुबे के रूप में हुई, जिसे पूरे नेटवर्क का सरगना बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक सर्वेश बाहर रहकर निगरानी करता था और अंदर चल रही गतिविधियों पर नजर रखता था।
डीसीपी नगर मनीष शांडिल्य ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह अवैध गतिविधि पिछले करीब तीन महीनों से चल रही थी। मोहल्लेवालों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले में संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।