डेली24भारत डेस्क: यात्रियों की बढ़ती भीड़ और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन हर वर्ष त्योहारों और गर्मी की छुट्टियों के दौरान मांग के अनुसार विशेष ट्रेनों का संचालन करता है। अब तक व्यवस्था यह थी कि किसी भी विशेष ट्रेन को चलाने के लिए संबंधित रेलवे ज़ोन के साथ-साथ रेलवे बोर्ड से भी अलग-अलग अनुमति लेनी पड़ती थी। इस प्रक्रिया में समय अधिक लग जाता था और कई बार ट्रेन चलाने से केवल दो या तीन दिन पहले ही अनुमति मिल पाती थी। नतीजतन यात्री समय रहते आरक्षण नहीं करा पाते थे और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
इसी समस्या को दूर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड ने पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) को होली से लेकर छठ पर्व तक विशेष ट्रेनों के संचालन की अग्रिम मंजूरी दे दी है। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में प्रमुख परिचालन प्रबंधक को पत्र जारी करते हुए होली से छठ तक कुल 936 फेरों के लिए विशेष ट्रेनें चलाने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद अब एनईआर को हर बार विशेष ट्रेन चलाने के लिए अलग-अलग अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे संचालन में काफी लचीलापन आएगा।
इस नई व्यवस्था के तहत पूर्वोत्तर रेलवे अपने तीनों मंडलों से लगभग 15 अलग-अलग रूटों पर विशेष ट्रेनों के संचालन की योजना बना रहा है। यात्रियों की वास्तविक मांग और भीड़ के आंकड़ों के आधार पर ट्रेनों की संख्या और समय-सारणी तय की जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेनें समय पर उपलब्ध हो सकेंगी।
रेलवे प्रशासन के अनुसार अब विशेष ट्रेनों की अधिसूचना त्योहारों से 20 से 25 दिन पहले ही जारी कर दी जाएगी। इससे यात्रियों को पहले से यात्रा की योजना बनाने और समय पर टिकट बुक करने का अवसर मिलेगा। विशेष ट्रेनों का पूरा शेड्यूल रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की जानकारी की कमी न रहे।
रेलवे अब माघ मेला, छठ पूजा, होली, दीपावली और गर्मी की छुट्टियों जैसे बड़े आयोजनों के दौरान यात्रियों की संख्या का विश्लेषण कर कम समय में अतिरिक्त ट्रेनें चलाने में सक्षम होगा। इन विशेष ट्रेनों के टिकट आमतौर पर आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ही बुक किए जा सकेंगे।
कुल मिलाकर, रेलवे बोर्ड का यह फैसला यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल त्योहारों के समय भीड़ को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध यात्रा का अनुभव भी मिलेगा।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर