Daily 24 भारत डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय सक्रिय रहते हुए आए दिन धोखाधड़ी की बहुत सी घटनाओं का खुलासा करता है. इसी क्रम में ऋण धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने बहुत बड़ा खुलासा किया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने पूर्व सीएमडी नितिन कासलीवाल पर बड़ी कार्रवाई की है. जिसके चलते उन्होंने लंदन में बंकीघम पैलेस के पास स्थित 150 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर दिया है.
जांच एजेंसी ने पूर्व CMD नितिन कासलीवाल और प्रसिद्ध कपड़ा कंपनी एस.कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड की संपत्ति को कुर्क कर दिया है. कार्रवाई करने का कारण पीएमएलए यानी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग है. एजेंसी ने संपत्ति कुर्क करने पर बताया कि यह नितिन शंभुकुमार कासलीवाल और उनके परिवार के सदस्यों की लाभकारी स्वामित्व में है.
जांच एजेंसी ने इस बड़े खुलासे को करते हुए बताया कि नितिन कासलीवाल पर 1400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है. जिसको उन्होंने भारतीय बैंकों के एक कंसोर्टियम समूह के साथ किया है. जांच में बहुत से पहलू सामने आए हैं, जिनमें एक यह भी है कि एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड के माध्यम से विदेश में निवेश करने के नाम पर बैंको से लिए गए ऋण को गलत तरीके से भारत के बाहर भेजा.
ईडी ने अपने बयान में बताया कि नितिन कासलीवाल ने बैंकों के फंड को डाइवर्ट किया है. साथ ही इन संपत्तियों को उन्होंने छुपाया, जिसमें उन्होंने विदेशी न्यायक्षेत्रों के निजी ट्रस्टों और कंपनियों की जटिल संरचना का उपयोग किया.यह एजेंसी की तरफ से 23 दिसंबर को की गई. जिसमें दस्तावेजों की विश्लेषण से बहुत ही बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ. जांच में पाया गया कि नितिन कासलीवाल ने विदेशों में बहुत बड़ा जाल फैला रखा है. जिसके चलते वह ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, स्विट्जरलैंड जर्सी जैसे देशों में ट्रस्ट का जाल बिछाये रखा है.