डेली24 भारत डेस्क: उत्तर प्रदेश लंबे समय तक अव्यवस्था, कमजोर बुनियादी ढांचे और खराब कानून-व्यवस्था के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, साल 2017 के बाद प्रदेश ने विकास, सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक नई पहचान बनाई है. विधानसभा में दिए गए अपने वक्तव्य में मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले और वर्तमान उत्तर प्रदेश की तुलना करते हुए कई आंकड़े और उदाहरण प्रस्तुत किए, जो सरकार के कार्यकाल में आए बदलावों को रेखांकित करते हैं.
मुख्यमंत्री ने बताया कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (जेवर), जो भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा, अगले महीने से संचालन के लिए तैयार है. यह उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा और प्रदेश के बढ़ते वैश्विक महत्व का प्रतीक है. 2017 से पहले प्रदेश में केवल चार एयरपोर्ट थे, जिनमें से भी सिर्फ दो पूरी तरह कार्यरत थे, जबकि आज 16 एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं. यह बुनियादी ढांचे में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है.
एक्सप्रेस-वे नेटवर्क पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में केवल डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 22 हो चुकी है. इसका सीधा असर व्यापार, निवेश और आम नागरिकों की आवाजाही पर पड़ा है. आर्थिक आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज़ादी के समय देश की अर्थव्यवस्था में यूपी की हिस्सेदारी लगभग 14 प्रतिशत थी, जो बाद में घटकर 8 प्रतिशत से भी कम हो गई. पिछले साढ़े आठ वर्षों में सरकार के प्रयासों से प्रदेश की जीएसडीपी 12.88 लाख करोड़ से बढ़कर 35–36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. प्रति व्यक्ति आय भी 43,000 रुपये से बढ़कर लगभग 1,20,000 रुपये हो गई है.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बड़ी-बड़ी बातें करना उनका अहंकार रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले शिक्षा और भर्ती आयोगों में गंभीर अनियमितताएं थी, यहां तक कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में थर्ड डिवीजन पाने वालों को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया. इससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ.
कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा की “न कर्फ्यू, न दंगा—यूपी में सब चंगा” अब केवल नारा नहीं, बल्कि वास्तविकता है. पहले प्रदेश की छवि अपराध और अराजकता से जुड़ी थी, लेकिन अब लोग स्वयं मानते हैं कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि एक समय निवेशक प्रदेश में आने से कतराते थे, जबकि आज निवेश प्रस्तावों की बाढ़ है. अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये जमीन पर उतर चुके हैं और 7 लाख से अधिक युवाओं को सीधे रोजगार मिला है. जल्द ही 5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार हैं.
वेलफेयर योजनाओं पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने कभी चेहरा देखकर लाभ नहीं दिया. आवास, राशन, उज्ज्वला गैस, आयुष्मान कार्ड और मुख्यमंत्री राहत कोष जैसी योजनाएं बिना भेदभाव लागू की गई. पहले जो लोग वंचित रह जाते थे, उन्हें भी सूची में शामिल किया गया. अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती रही, जिसके उदाहरण जेपीएनआईसी और गोमती रिवरफ्रंट हैं. उन्होंने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा कि जो उपदेश आज दिए जा रहे हैं, यदि वही अपनी सरकार के समय दिए गए होते, तो प्रदेश की स्थिति शायद अलग होती.
योगी आदित्यनाथ के वक्तव्य के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने बीते साढ़े आठ वर्षों में बुनियादी ढांचे, अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था और सामाजिक योजनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. सरकार का दावा है कि यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में भी दिखाई देता है. आने वाले सालों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह विकास कितनी निरंतरता और समावेशिता के साथ आगे बढ़ता है.
खुशी डैंग, प्रोड्यूसर