Daily 24 भारत डेस्क: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की नजरें एक बार फिर अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टिक गई हैं. यह जलमार्ग केवल एक साधारण समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सबसे महत्वपूर्ण लाइफलाइन माना जाता है. यहां से दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है, जो खाड़ी देशों से एशिया, यूरोप और America तक पहुंचती है.
हाल ही में सामने आई अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने इस क्षेत्र की जमीनी हकीकत को लेकर गंभीर चिंता जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान इस रणनीतिक मार्ग पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए किसी भी कीमत पर इसे पूरी तरह खुला रखने के पक्ष में नहीं है. इसके उलट, तेहरान इसे एक ‘रणनीतिक हथियार’ की तरह इस्तेमाल कर रहा है, जिससे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजार पर असर डाला जा सके.
अमेरिका ने माना होर्मुज स्ट्रेट खुलवाना उसके बस की बात नहीं! इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ।#USA #HormuzStrait #Iran pic.twitter.com/apTHQToEup
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) April 4, 2026
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने बार-बार दावा किया हो कि अमेरिका आसानी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवा सकता है, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे काफी अलग और जटिल है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र की भौगोलिक बनावट इसे बेहद संवेदनशील बनाती है. इसका सबसे संकरा हिस्सा मात्र 33 किलोमीटर चौड़ा है, जबकि जहाजों के लिए सुरक्षित नेविगेशन चैनल केवल 3-3 किलोमीटर के हैं, जिससे यहां गुजरने वाले जहाज बेहद आसान निशाना बन जाते हैं.
ईरान की सैन्य इकाई IRGC ने इस कमजोरी को अपनी ताकत में बदल दिया है. ड्रोन, मिसाइल और समुद्री माइंस के जरिए इस इलाके को इतना जोखिम भरा बना दिया गया है कि कई कमर्शियल जहाज यहां आने से बच रहे हैं. कुछ रिपोर्ट्स में जहाजों पर हमलों और कथित तौर पर टोल वसूली जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया गया है.
पूर्व CIA डायरेक्टर ने भी चेतावनी दी है कि ईरान इस जलमार्ग को इतनी आसानी से अपने हाथ से नहीं जाने देगा. उनके अनुसार, तेहरान इस स्थिति का इस्तेमाल भविष्य में किसी भी संभावित शांति समझौते में अपने हित साधने के लिए कर सकता है, जिसमें सुरक्षा गारंटी और आर्थिक रियायतें शामिल हो सकती हैं.
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह दावा भी सामने आया है कि ईरान के पास इतनी क्षमता है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लंबे समय तक, यहां तक कि कई वर्षों तक बाधित कर सकता है. यह बयान न सिर्फ एक चेतावनी है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि क्षेत्र में तनाव और गहराने की आशंका बनी हुई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह समुद्री मार्ग बाधित होता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों, महंगाई और ऊर्जा संकट पर पड़ेगा. ऐसे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब सिर्फ एक व्यापारिक रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक रणनीतिक टकराव का केंद्र बन चुका है.