डेली24भारत डेस्क: सोमवार को कीमती धातुओं के बाजार में तेज़ी से गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना प्रति 10 ग्राम ₹1,40,158 के स्तर पर खुला, जो कि पिछले सत्र की तुलना में ₹4,334 कम था। लेकिन जैसे ही बाजार खुला, निवेशकों में बेचवाली का दबाव बढ़ गया और केवल आधे घंटे के अंदर सोने के भाव में ₹8,089 की तेज़ गिरावट दर्ज हुई। सुबह 9:30 बजे तक सोना लगभग ₹1,37,360 पर कारोबार कर रहा था, जो ₹7,132 की गिरावट दर्शाता है।
चांदी की स्थिति भी कुछ अलग नहीं रही। मई डिलीवरी वाली चांदी सुबह ₹2,17,702 पर खुली, जो कि ₹9,070 की गिरावट के बाद था। लेकिन निवेशकों की बेचवाली से यह केवल आधे घंटे में ₹15,043 तक गिर गई। 9:30 बजे चांदी ₹2,12,986 पर कारोबार कर रही थी, यानी ₹13,786 की गिरावट के साथ।
गिरावट के पीछे का कारण
विश्लेषकों का कहना है कि सोना और चांदी की कीमतों में यह तेज़ गिरावट ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का परिणाम है। युद्ध के डर से निवेशक सुरक्षित संपत्ति यानी गोल्ड और सिल्वर में निवेश करने के बजाय जोखिम भरे विकल्पों की ओर देख रहे हैं।
इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज़ी आई है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड लगभग $113 प्रति बैरल पर और अमेरिकी तेल (WTI) $99 प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था। तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक आर्थिक दबाव को बढ़ाया, जिससे सोना और चांदी जैसे धातु निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो गए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति
वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी में गिरावट देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 2.5% टूटकर $4,372.86 प्रति औंस पर आ गया, जो 2 जनवरी के बाद का सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट सोने के पिछले 9 सत्रों से लगातार नीचे आने की प्रवृत्ति को जारी रखती है।
चांदी भी दबाव में रही और 3.2% की गिरावट के साथ $65.61 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। विश्लेषकों के अनुसार, पिछले सप्ताह सोने की कीमत में 10% से अधिक की कमी आई थी, जो पिछले 43 वर्षों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी।
निवेशकों के लिए संदेश
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियाँ और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी है। यदि आप सोना या चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर ध्यान देना जरूरी है।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर