Daily 24 भारत डेस्क: इस साल गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है. देश की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बल CRPF के इतिहास में पहली बार एक महिला अधिकारी, पूरी तरह पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी. जम्मू-कश्मीर की रहने वाली 26 वर्षीय असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला 77वें गणतंत्र दिवस परेड में CRPF की परेड टुकड़ी की कमान संभालेंगी.
140 से अधिक पुरुष जवानों वाली इस टुकड़ी का नेतृत्व करना न सिर्फ सिमरन बाला की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह सुरक्षा बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का भी प्रतीक है. CRPF के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सिमरन का चयन उनके उत्कृष्ट नेतृत्व कौशल, कर्तव्यनिष्ठा और दबाव में संतुलित निर्णय लेने की क्षमता को देखते हुए किया गया है. बल के लिए यह गर्व का विषय है कि एक युवा महिला अधिकारी राष्ट्रीय मंच पर नेतृत्व की मिसाल पेश करेंगी.
जम्मू-कश्मीर से निकलकर देश की राजधानी में कर्तव्य पथ तक पहुंचने का सिमरन बाला का सफर महिला सशक्तिकरण की मजबूत कहानी कहता है. यह संदेश देता है कि नेतृत्व किसी लिंग का मोहताज नहीं होता, बल्कि क्षमता और समर्पण से तय होता है. CRPF बीते कुछ वर्षों से महिला नेतृत्व और लैंगिक समानता को बढ़ावा दे रहा है. सिमरन बाला की यह भूमिका आने वाली पीढ़ियों की महिलाओं को वर्दीधारी सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी.
77वें गणतंत्र दिवस समारोह की एक और खास बात यह है कि इस बार देशभर से योगदान देने वाले आम नागरिकों को विशेष सम्मान दिया जाएगा. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, करीब 10 हजार विशेष मेहमानों को उनके जीवनसाथियों के साथ आमंत्रित किया गया है. इनमें नवाचारकर्ता, शोधकर्ता, उद्यमी, स्टार्टअप फाउंडर और स्वयं सहायता समूहों के सदस्य शामिल हैं, जिन्होंने रोजगार सृजन और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है. 2026 का गणतंत्र दिवस समारोह भारत की विविधता, एकता और प्रगति का भव्य प्रदर्शन होगा. सिमरन बाला का नेतृत्व और देश के कोने-कोने से आए विशेष अतिथि इस आयोजन को और भी यादगार बनाएंगे. यह परेड सिर्फ सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि समानता, समावेशिता और राष्ट्रीय गर्व का सशक्त संदेश भी देगी.