Daily 24 भारत डेस्क: उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे ने जनजीवन और यातायात दोनों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर विजिबिलिटी शून्य से 10 मीटर तक सिमट गई है, जिससे सड़क हादसों में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है.
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनज़र सभी एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा घटाकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी है. वहीं ट्रैफिक विशेषज्ञ लगातार कोहरे में गलत ड्राइविंग आदतों को लेकर चेतावनी दे रहे हैं.
आगरा: घने कोहरे के चलते हाईवे पर बड़ा सड़क हादसा। आगरा–जयपुर हाईवे पर वाहन आपस में टकराए। सवारियों से भरी बस में पीछे से कैंटर घुसा। एक के बाद एक कई वाहन भिड़े। किरावली क्षेत्र की घटना।@Uppolice @agrapolice #Agra #RoadAccident pic.twitter.com/p0d4kzlBEd
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) December 18, 2025
विशेषज्ञों के अनुसार कोहरे में हाई-बीम लाइट का इस्तेमाल रोशनी की ‘सफेद दीवार’ बना देता है, जिससे सामने कुछ भी दिखाई नहीं देता और दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. इसके अलावा चलते वाहन में चारों इंडिकेटर यानी हजार्ड लाइट जलाना और एक्सप्रेसवे के किनारे गाड़ी खड़ी करना भी बड़े हादसों की वजह बन रहा है.यात्रियों को सलाह दी गई है कि सफर पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें, वेदर ऐप्स चेक करें और जहां तक संभव हो, रात के समय यात्रा करने से बचें.
कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जरूरी सावधानियां
बीम का प्रयोग करें: कोहरे में हमेशा Low Beam और Fog Lights का ही इस्तेमाल करें. हाई बीम से दृश्यता और खराब हो जाती है.
हजार्ड लाइट्स न जलाएं: चलते वाहन में चारों इंडिकेटर जलाने से पीछे चल रहे वाहन को भ्रम होता है.
सुरक्षित दूरी बनाए रखें: आगे चल रहे वाहन से कम से कम 5 सेकंड की दूरी रखें, ताकि अचानक ब्रेक की स्थिति में समय मिल सके.
एक्सप्रेसवे के किनारे न रुकें: बेहद कम विजिबिलिटी में शोल्डर पर रुकने के बजाय टोल प्लाजा या किसी सुरक्षित स्थान पर रुकें.
शीशे साफ रखें: वाइपर और डिफ्रॉस्टर का इस्तेमाल कर शीशों पर जमी नमी हटाएं, ताकि साफ दिखाई देता रहे.
प्रशासन और विशेषज्ञों की अपील है कि सावधानी ही बचाव है. थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.