Daily 24 भारत डेस्क: उत्तर प्रदेश के मथुरा में मंगलवार तड़के यमुना एक्सप्रेस-वे पर घने कोहरे ने भीषण तबाही मचा दी. माइलस्टोन 127 के पास कई बसें और कारें आपस में टकरा गईं, जिसके बाद आग लगने से पूरा इलाका दहशत में आ गया. इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की जलकर मौत हो गई है, जबकि 66 लोग घायल बताए जा रहे हैं.
मंगलवार तड़के यमुना एक्सप्रेस-वे पर घना कोहरा छाया हुआ था. दृश्यता बेहद कम होने के कारण माइलस्टोन 127 के पास 8 बसें और 3 कारें एक के बाद एक आपस में टकरा गईं. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई वाहनों में तुरंत आग लग गई और देखते ही देखते बसें आग की लपटों में घिर गईं. हादसे में एक भाजपा नेता सहित 13 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 66 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे. 20 एंबुलेंस के जरिए घायलों को मथुरा जिला अस्पताल, वृंदावन संयुक्त जिला अस्पताल और गंभीर रूप से घायलों को आगरा मेडिकल कॉलेज भेजा गया.
राहत और बचाव कार्य के दौरान पुलिस को बसों के अंदर से जले और कटे हुए मानव अंग मिले. इन्हें 17 पॉलिथीन बैगों में एकत्र कर डीएनए जांच के लिए भेज दिया गया है. प्रशासन ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई है. जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF के 50 जवानों ने 9 थानों की पुलिस टीम के साथ करीब 6 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. हादसे के कारण यमुना एक्सप्रेस-वे पर लगभग 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर के बाद “बम फटने जैसा धमाका” हुआ. कई लोग शीशे तोड़कर बसों से बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन कुछ ही देर में बसें आग की लपटों में घिरकर राख में बदल गईं. प्रत्यक्षदर्शियों ने रेस्क्यू कार्य शुरू होने में करीब एक घंटे की देरी का आरोप भी लगाया है. हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है और मुआवजे का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है. इसके अलावा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे. मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं.