डेली24भारत डेस्क: वर्ष 2025 भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया है। अपने 93 वर्षों के गौरवशाली सफर में पहली बार इस प्रतिष्ठित संस्थान से एक महिला अधिकारी कैडेट ने सफलतापूर्वक सैन्य प्रशिक्षण पूर्ण किया है। यह ऐतिहासिक सम्मान महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली लेफ्टिनेंट साई जाधव को प्राप्त हुआ है, जिन्होंने प्रादेशिक सेना (Territorial Army) के विशेष प्रशिक्षण कोर्स के अंतर्गत कठोर और अनुशासित ट्रेनिंग पूरी कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन हासिल किया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम
लेफ्टिनेंट साई जाधव की यह सफलता भारतीय सेना में लैंगिक समानता (Gender Inclusion) और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है। यह उपलब्धि न केवल सेना की बदलती सोच को दर्शाती है, बल्कि उन हजारों युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा भी है जो देश की रक्षा में योगदान देने का सपना देखती हैं।
कठिन चयन प्रक्रिया और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण
साई जाधव का चयन एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा और कड़े SSB इंटरव्यू को सफलतापूर्वक पास करने के बाद हुआ था। इसके पश्चात उन्होंने IMA में 6 महीने का गहन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया, जो शारीरिक सहनशक्ति, मानसिक दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता की कठोर परीक्षा था। इस प्रशिक्षण ने उन्हें न केवल एक सक्षम अधिकारी बनाया, बल्कि एक जिम्मेदार और समर्पित सैनिक के रूप में भी गढ़ा।
93 वर्षों में पहली महिला कैडेट – एक नया कीर्तिमान
IMA वर्षों से भारतीय सेना को उत्कृष्ट और अनुशासित अधिकारी प्रदान करता आ रहा है। ऐसे में इस वर्ष की पासिंग आउट परेड (POP) ऐतिहासिक बन गई, जब पहली बार एक महिला अधिकारी कैडेट ने इस अकादमी से प्रशिक्षण पूरा किया। प्रादेशिक सेना के लिए संचालित विशेष कोर्स के अंतर्गत प्रशिक्षण लेकर लेफ्टिनेंट साई जाधव ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
अकेली महिला, लेकिन अटूट हौसला
साई जाधव उस विशेष कोर्स में शामिल 16 अधिकारी कैडेट्स में एकमात्र महिला थीं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इसी प्रक्रिया ने उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा को और मजबूत किया। पासिंग आउट समारोह के दौरान उनके माता-पिता द्वारा उनके कंधों पर लेफ्टिनेंट के स्टार लगाए जाना भावनात्मक और गर्व से भरा क्षण था।
सैन्य परंपरा से प्रेरित सफर
लेफ्टिनेंट साई जाधव का सेना से जुड़ाव उनके परिवार की समृद्ध सैन्य विरासत से भी प्रेरित है। उनके पिता मेजर संदीप जाधव भारतीय सेना में सेवारत हैं, जबकि उनके दादा ने ब्रिटिश सेना में अपनी सेवाएँ दी थीं। परिवार की इस गौरवशाली परंपरा ने साई को सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
भविष्य की राह और नई शुरुआत
इस ऐतिहासिक अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि जून 2026 से महिला अधिकारी कैडेट्स नियमित रूप से पुरुष कैडेट्स के साथ IMA में प्रशिक्षण लेंगी और पासिंग आउट परेड में भी समान रूप से भाग लेंगी। यह निर्णय भारतीय सेना में महिलाओं के लिए समान अवसरों की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर