अनीता शर्मा/Daily 24 भारत डेस्क: आईटी के इस युग में साइबर क्राइम एक बड़े अपराध के रूप में तेजी से उभर रहा है. हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया है. इसी तरह के एक मामले में ग्रेटर नोएडा की थाना बीटा-2 पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे से एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है.
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक रिटायर्ड अधिकारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर उनसे ₹75 लाख 57 हजार की ठगी की थी. पुलिस की तत्परता से अब तक ₹47 लाख की रकम को फ्रीज करा लिया गया है और पीड़ित को वापस कराने की प्रक्रिया जारी है.
ग्रेटर नोएडा के पैरामाउंट सोसाइटी में रहने वाले रिटायर्ड अधिकारी असीन विश्वास ने बीटा-2 थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 अप्रैल 2024 को उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई पुलिस का इंस्पेक्टर बताया. उसने विश्वास को बताया कि उनके नाम से एक पार्सल ताइवान भेजा गया है, जिसमें दो किलो ड्रग्स मिले हैं और यह मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है. आरोपी ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने की धमकी दी और इसी डर के माहौल में विश्वास ने ₹75 लाख 57 हजार रुपये तीन अलग-अलग खातों में RTGS के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए.
पैसा ट्रांसफर होने के बाद जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत बीटा-2 थाने में शिकायत दर्ज कराई. एडिशनल डीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन का विश्लेषण कर मुख्य आरोपी गणेश सूर्यकांत को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है. पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर ग्रेटर नोएडा लेकर आई है. पुलिस का कहना है कि तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को रोकने के लिए लोगों को जागरूक रहना जरूरी है, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके.