लता के.सी/ डेली 24 भारत: यूं तो भारतवर्ष सालों साल अपनी परंपराओं को मानने और उसे आगे बढ़ाने वाला देश है, लेकिन अब जो कल्चर भारत में वेस्टर्न कल्चर के सेलिब्रिट होने लगे हैं क्या इस पर सवाल खड़े नहीं होने चाहिए क्योंकि जिसे हम पहले शौकिया तौर पर मनाने की शुरुआत करते हैं समय दर समय वो परंपराओं का रूप लेना शुरू कर देता है जिसका जीता जागता उदाहरण 31 अक्टूबर को भारत में सेलिब्रेट किया गया हैलोवीन है जिसे अब हमारे देश में भी पहचान मिलनी शुरू हो गई है जो आने वाली पीढ़ी के लिए खतरनाक तो है ही साथ ही देश की संस्कृति के भी खिलाफ है ऐसे में हम सबको ये समझना जरूरी है कि आखिर अब भारत में क्यों हैलोविन लोकप्रिय होने लगा है.
भारत में क्यों लोकप्रिय हो रहा हैलोवीन ?
हैलोवीन पारंपरिक त्योहार नहीं है लेकिन फिर भी पिछले एक दशक में इसका प्रभाव तेजी से बढ़ता दिखाई देने लगा है. सोशल मीडिया, हॉलीवुड फिल्मों और वैश्विक फैशन कल्चर ने इसे युवाओं में लोकप्रिय बना दिया है.खासतौर पर Gen-Z के बीच ये काफी लोकप्रिय हुआ है.यही नहीं मेट्रो शहरों में तो अब कॉलेज, कॉर्पोरेट ऑफिस, और कैफे हैलोवीन थीम पर तक सजने लगे हैं. लोग कॉस्ट्यूम पार्टियां करते हैं, जिसमें कई गेम्स, और Spooky Makeup Challenges जैसे ट्रेंड्स अपनाते हैं. सिर्फ इतना ही काफी नहीं अब तो ब्रांड्स भी इस दिन का उपयोग मार्केटिंग के लिए करने लगे हैं.
क्यों मनाया जाता है ?
हैलोवीन की शुरुआत प्राचीन सेल्टिक सभ्यता, जो आज के आयरलैंड, स्कॉटलैंड और उत्तरी फ्रांस में रहती थी, से हुई थी मान्यता थी कि इस दिन मृत लोगों की आत्माएं जीवित लोगों की दुनिया यानी लौकिक संसार में वापस आ जाती हैं. इस रात को पूर्वजों की अच्छी और सच्ची आत्माएं तो लौटती ही थीं, साथ ही दुष्ट आत्माएं और परेशान करने वाली शक्तियां भी धरती पर घूमने निकलती थीं. इन आत्माओं को खुश करने और डराने के लिए लोग अलाव जलाकर जानवरों की बलि देते थे.
अंबानी परिवार ने दी हैलोवीन पार्टी
हमारे देश में इसकी लोकप्रियता इस कदर अब बढ़ने लगी है कि देश के जाने माने प्रतिष्ठित घरानों के लोग भी इसे अब सेलिब्रेट करने लगे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया में अंबानी फैमिली की हैलोवीन पार्टी की तस्वीरें जमकर वायरल हो रही है. जिसमें नीता अंबानी, श्लोका अंबानी, आकाश अंबानी समेत कई लोगों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं.