
आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सदस्य संजय सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट दो हफ्ते बाद सुनवाई करेगा. संजय सिंह की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा है.
आपको बता दें कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया था. कोर्ट में दायर याचिका में उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है. इनमें उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह का भी मामला दर्ज है.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि 2 सितंबर 2020 को हजरतगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई एफआईआर में आईपीसी की धारा 124-ए (देशद्रोह) जोड़ा गया. इसकी पुष्टि हजरतगंज SHO अंजनी कुमार पांडे ने की थी.
पुलिस की एफआईआर के अनुसार, 1 सितंबर 2020 को सोशल मीडिया पर एक मोबाइल नंबर से एक कॉल रिकॉर्ड शेयर की जा रही थी. पूछताछ में पुलिस को पता चला कि एक खास नंबर से लोगों को पहले से रिकॉर्ड की गई कॉल की जा रही थीं, जहां समुदायों को बांटने वाली बातें कही जा रही थीं. इस नंबर पर एक इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) सिस्टम ऑन था. अज्ञात व्यक्ति का यह कृत्य समुदायों को विभाजित करेगा और समाज में सद्भाव को प्रभावित करेगा.