नोएडा: बिसरख गांव में ग्रेनो प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र पर बनी अवैध काॅलोनी की चहारदीवारी ध्वस्त कर 12 हजार वर्गमीटर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया। मुक्त कराई गई जमीन की कमीत करीब 100 करोड़ बताई जा रही है। अतिक्रमण दस्ते ने जमीन पर कब्जा हासिल कर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ बिसरख कोतवाली में शिकायत दी है। पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर धरने पर बैठे किसान मौके पर पहुंचे। हालांकि तब तक प्राधिकरण की टीम वहां से जा चुकी थी।
प्राधिकरण के परियोजना विभाग के ओएसडी हिमांशु वर्मा ने बताया कि कुछ काॅलोनाइजर बिसरख गांव के खसरा नंबर 814 की 12 हजार वर्ग मीटर जमीन पर अवैध तरीके से निर्माण कर रहे थे। यह प्राधिकरण का अधिसूचित क्षेत्र है। जानकारी मिलने पर वर्क सर्किल तीन के प्रबंधक प्रशांत समाधिया और सहायक प्रबंधक गौरव बघेल के नेतृत्व में टीम ने मौके पर जाकर अवैध तरीके से बनाई गई टीन से चहारदीवारी को ध्वस्त कर दिया। कुछ लोगों ने वहां पर इस प्रक्रिया का विरोध किया था, लेकिन ध्वस्तीकरण कर जमीन को खाली करा दिया गया है। साथ ही अवैध निर्माण करने वालों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं विरोध करने वालों के खिलाफ भी कोतवाली में तहरीर दे दी गई है।
उधर, प्राधिकरण की इस कार्रवाई की जानकारी जब ग्रेनो प्राधिकरण पर धरना दे रहे किसान सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा समेत अन्य को पता चला कि किसान नेता मनोज नागर की आबादी तोड़ने के लिए की जानकारी मिली तो वह सभी बिसरख गांव पहुंचे। मगर इस बात की जानकारी मिली तो प्राधिकरण टीम वहां से किसानों के पहुंचने से पहले ही निकल गई