गाजियाबाद: साहिबाबाद कोतवाली क्षेत्र में आठ माह की गर्भवती की हत्या और अपहरण के मामले में पुलिस ने पड़ोसी युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पिछले माह युवती को उसकी सहेली और एक युवक नौकरी के बहाने घर से ले गए थे। पुलिस को शिकायत देने पर आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, पुलिस सुनवाई करने के बजाय उन्हें कई दिन चक्कर कटाती रही। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर दिनेश पी. कुमार से शिकायत करने पर पुलिस ने दो नामजद और अज्ञात पर अपहरण, हत्या व अपराधी की मदद कर सबूत मिटाने का मुकदमा दर्ज किया है।
वह पहुंचीं तो राजू उन्हें एक मकान में ले गया। वहां बताया कि उनकी बेटी की डिलीवरी के समय मौत हो गई। वह बोलीं कि बेटी की शादी नहीं हुई तो डिलीवरी कैसे हो गई। इस पर राजू समेत उसके परिजनों ने हमला कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उन्हें धमकी दी कि उन सभी ने युवती को मार दिया है। अगर पुलिस से शिकायत की तो उन्हें भी मार देंगे। वह किसी तरह आरोपियों से चंगुल से बचकर साहिबाबाद कोतवाली पहुंचीं। वहां पुलिस को शिकायत दी।
तब पुलिस ने राजू को पकड़ लिया लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। वह मुकदमा लिखाने के लिए कई दिन तक चक्कर काटती रहीं। परेशान होकर उन्होंने अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर के कार्यालय में लिखित शिकायत दी। आला अधिकारी के निर्देश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
अस्पताल से युवती के आठ माह की गर्भवती होने का पता चला :
डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि राजू को मोहननगर के पास से गिरफ्तार कर लिया है। महिला ने युवती की गुमशुदगी की सूचना नहीं दी थी। जांच में अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि युवती आठ माह की गर्भवती थी। उसको घटना वाले दिन अधिक खून बहने से काफी परेशानी हुई थी। अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था