उत्तर प्रदेश:उत्तर प्रदेश की कई नदियों में जलस्तर अब कम होने लगा है। इससे बाढ़ का असर कम हुआ है लेकिन अब भी 16 जिलों के 825 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। करीब सवा छह लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। प्राकृतिक आपदा से पिछले 24 घंटों में छह लोगों की जान चली गई।
कन्नौज में डूबने से पांच लोगो की मृत्यु हो गई। ये नदियां खतरे के निशान से ऊपरसिद्धार्थनगर में राप्ती, बूढ़ी राप्ती, गोरखपुर में राप्ती और गोंडा में क्वानो नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं उन्नाव में गंगा और सीतापुर में गोमती का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में कई गांवों में पानी भर गया है। तो वही नेपाल में लगातार बारिश हो रही है।
इसकी वजह से बिहार के बेतिया, बगहा, सीतामढ़ी, मधेपुरा, अररिया समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बेतिया के योग पट्टी, नौतन और बैरिया प्रखंड के 24 से ज्यादा निचले इलाकों के गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है।मौसम विज्ञान केंद्र ने आज 16 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अभी ना मानसून ट्रफ लाइन गुजर रही है और ना ही चक्रवर्ती परिसंचरण बिहार में बना है। इस कारण भारी बारिश की संभावना नहीं है।
इस दौरान लोग उमस भरी गर्मी अधिक महसूस करेंगे। 20 जुलाई तक मौसम सामान्य रहेगा।इधर बगहा में गंडक के कटाव को रोकने के लिए बनाए गए स्टर्ड के धंसने से लोगों में दहशत का माहौल है।