डेली24 भारत डेस्क: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि उत्तर भारत के पर्यटन और धार्मिक यात्राओं के लिए एक बड़ा ‘कनेक्टिविटी हब’ बनने जा रहा है. यह आधुनिक एयरपोर्ट न केवल यात्रियों के सफर को सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि उत्तर भारत के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को आपस में जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा. विशेषज्ञों के अनुसार, इस एयरपोर्ट की शुरुआत से उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में पर्यटन, अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद धार्मिक यात्रियों को लंबी और थकाऊ यात्राओं से राहत मिलेगी. यहां से अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, कुशीनगर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध होंगी. इसके साथ ही ताजमहल, ब्रज क्षेत्र और चारधाम यात्रा जैसे लोकप्रिय स्थलों तक पहुंच पहले से कहीं अधिक सरल और तेज़ हो जाएगी. यात्रियों को लंबी कतारों और ट्रेनों की रुकावट का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी.
नोएडा: पर्यटन को नया ‘टेक ऑफ’ देगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट। जेवर बनेगा उत्तर भारत का बड़ा प्रवेश द्वार। एयर कनेक्टिविटी से बढ़ेगा पर्यटन और व्यापार। @NIAirport @myogiadityanath #Noida #JewarAirport #NoidaInternationalAirport pic.twitter.com/HvsXlj0Hxk
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) March 25, 2026
मजबूत फ्लाइट और बस कनेक्टिविटी
इस एयरपोर्ट की एक खास विशेषता यह है कि यह न केवल एयर कनेक्टिविटी बल्कि सड़क मार्ग से भी यात्रियों को जोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है. जिन शहरों में एयरपोर्ट नहीं है, वहां के लिए विशेष बस सेवाओं की व्यवस्था की गई है. इसके लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड सरकारों के साथ समझौते किए गए हैं. एयरपोर्ट से देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन, मेरठ, आगरा और अलीगढ़ जैसे शहरों तक प्रीमियम और वातानुकूलित बसों के माध्यम से सीधी सेवा उपलब्ध होगी. इस तरह यात्रियों को नोएडा एयरपोर्ट से ही अपने गंतव्य तक आरामदायक और तेज़ यात्रा का लाभ मिलेगा. नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, यह मॉडल यात्रियों को निर्बाध और सुविधाजनक सफर का अनुभव देगा.
बौद्ध सर्किट और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में बढ़ावा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी लाभकारी होगा. इसके जरिए श्रावस्ती, कपिलवस्तु और कुशीनगर जैसे बौद्ध तीर्थ स्थलों तक पहुंच आसान होगी. इससे न केवल भारत में बौद्ध सर्किट का महत्व बढ़ेगा, बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी यात्रा सरल और आकर्षक होगी. इस नई कनेक्टिविटी से भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक मजबूत स्थान प्राप्त होगा.
देश के कई बड़े शहरों से होगा जुड़ाव
यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के अन्य प्रमुख शहरों से भी जुड़ने जा रहा है. अमृतसर, जम्मू, धर्मशाला, गया और देहरादून के लिए फ्लाइट सेवाएं प्रस्तावित हैं. वहीं राजस्थान के जयपुर, भरतपुर और धौलपुर को भी बस कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है. एयरपोर्ट संचालन कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. ने कई राज्यों के परिवहन विभागों के साथ समझौते किए हैं, ताकि इंटरस्टेट बस सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें.
अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगी नई गति
नई कनेक्टिविटी का असर केवल यात्राओं तक सीमित नहीं रहेगा. होटल इंडस्ट्री, स्थानीय व्यापार और पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. एयरपोर्ट और बस नेटवर्क की शुरुआत से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि छोटे व्यवसायों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत सहारा मिलेगा.
वर्ल्ड क्लास यात्रा का वादा
एयरपोर्ट प्रबंधन का दावा है कि यहाँ से चलने वाली सभी बसें प्रीमियम और वातानुकूलित होंगी, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव प्राप्त होगा. यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ श्लेमैन के अनुसार, राज्यों के साथ हुए समझौते इस कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत करेंगे और यात्रियों को निर्बाध, आरामदायक और सुरक्षित सफर की सुविधा प्रदान करेंगे.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक आधुनिक एयरपोर्ट नहीं है, बल्कि उत्तर भारत के पर्यटन, धार्मिक यात्राओं और आर्थिक विकास का एक नया केंद्र बनने जा रहा है. यह एयरपोर्ट न केवल यात्रियों के समय और सुविधा को महत्व देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के पर्यटन और व्यवसाय के क्षेत्र में नई ऊर्जा और अवसर प्रदान करेगा. आने वाले वर्षों में यह हब उत्तर भारत की यात्रा और पर्यटन संस्कृति का एक प्रतीक बन सकता है.
खुशी डैंग, प्रोड्यूसर