डेली24 भारत डेस्क: भारतीय राजनीति में आज एक नया अध्याय शुरू हो गया. देश की सबसे बड़ी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठनात्मक नेतृत्व में बदलाव करते हुए बिहार के युवा नेता नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना. सोमवार को उन्होंने निर्विरोध रूप से यह पद हासिल किया और अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में उनका आधिकारिक प्रवेश हुआ है. 45 वर्षीय नितिन नबीन बीजेपी के इतिहास में अध्यक्ष बनने वाले अब तक के सबसे युवा नेता बन गए हैं.
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर लंबे समय से ध्यान आकर्षित करता रहा है. बिहार के पांच बार के विधायक नवीन ने पार्टी के शीर्ष पद के लिए अकेले ही नामांकन किया था. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा और कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री जैसे अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी उनके नामांकन के प्रस्तावक रहे. कुल मिलाकर नामांकन के 37 सेट दाखिल किए गए, जिनमें से 36 राज्य इकाइयों द्वारा और एक सेट बीजेपी संसदीय दल द्वारा प्रस्तुत किया गया। सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए.
बीजेपी को मिला सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष। नितिन नबीन बने भाजपा के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष। महज 45 साल की उम्र में संभाली बड़ी जिम्मेदारी।उनसे पहले अमित शाह 49 साल की उम्र में बने थे नेशनल प्रेसिडेंट।@NitinNabin @BJP4India #BJP #NitinNabin pic.twitter.com/mOBFdYVxoi
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निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण ने भी यह घोषणा की कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल नितिन नबीन का ही नाम प्रस्तावित किया गया है. उन्होंने कहा की बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 36 राज्यों में से 30 राज्यों के अध्यक्षों के चुनाव के बाद शुरू किया गया, जो आवश्यक न्यूनतम संख्या से कहीं अधिक है. इस प्रक्रिया ने यह सुनिश्चित किया कि पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रही.
नई जिम्मेदारी ग्रहण करने से पहले नितिन नबीन ने धार्मिक आस्था के अनुसार दिल्ली के कई प्रतिष्ठित मंदिरों और गुरुद्वारों में पूजा अर्चना की. उन्होंने झंडेवाला मंदिर, वाल्मिकी मंदिर, सीपी के हनुमान मंदिर में दर्शन किए और फिर गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में मत्था टेका। इस दौरान दिल्ली में पार्टी कार्यालय के बाहर उत्सव और जश्न का माहौल भी देखने को मिला, जहां बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे.
नितिन नबीन की राजनीतिक पृष्ठभूमि
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर उनके परिवार की विरासत से जुड़ा है। उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा बिहार के कद्दावर नेता रहे हैं. 2006 में पिता के निधन के बाद नितिन नबीन ने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया और बीजेपी के माध्यम से राज्य में अपनी पहचान बनाई.उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई रांची से की और उच्च शिक्षा दिल्ली से प्राप्त की.बिहार विधानसभा में पांच बार विधायक रहने के साथ-साथ उन्होंने राज्य सरकार में कानून एवं न्याय, शहरी विकास और आवास मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार भी संभाला है.
नितिन नबीन के सामने बड़ी चुनौती…क्या रहेगी BJP की रणनीति?@NitinNabin @BJP4India @narendramodi #BJP #NitinNabin
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नितिन नबीन को युवाओं के बीच उनके व्यावहारिक दृष्टिकोण और सक्रिय राजनीति के लिए जाना जाता है.उनका नेतृत्व शैली संयमित और रणनीतिक है, जो पार्टी की केंद्रीय नीतियों और विकास एजेंडे के साथ पूरी तरह मेल खाती है.बीजेपी में उनका यह नया कदम युवा नेताओं के लिए प्रेरणास्त्रोत के रूप में देखा जा रहा है. बीजेपी अध्यक्ष बनने के साथ ही नितिन नबीन का कर्तव्य केवल संगठन की आंतरिक व्यवस्था को संभालना नहीं है, बल्कि पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत स्थिति प्रदान करना और आगामी चुनावों में रणनीति बनाना भी है.प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन उन्हें न केवल राजनीतिक मजबूती देता है, बल्कि यह संकेत भी है कि संगठन युवाओं को नेतृत्व में बढ़ावा देने के लिए गंभीर है.
नितिन नबीन का बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालना पार्टी के लिए नए युग की शुरुआत है.युवा, ऊर्जावान और अनुभवी नेता के रूप में उनका नेतृत्व संगठन को नई दिशा देगा.धार्मिक आस्था, राजनीतिक अनुभव और रणनीतिक सोच के मेल से नितिन नबीन बीजेपी के कार्यकर्ताओं और जनता के बीच एक नई उम्मीद जगाने में सफल होंगे.उनके नेतृत्व में पार्टी का ‘नितिन नबीन युग’ निश्चित रूप से भारतीय राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा.
खुशी डैंग, प्रोड्यूसर