डेली24 भारत डेस्क: भारतीय रेलवे ने हाल ही में यात्रियों के लिए किराए में वृद्धि की घोषणा की, जो आज से प्रभावी हो गई है. रेलवे ने यह स्पष्ट किया है कि पहले से की गई बुकिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि, 26 दिसंबर या उसके बाद की गई नई बुकिंग पर नए किराए लागू होंगे. रेलवे के अनुसार, उपनगरीय सेवाओं और सीजन टिकटों के किरायों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस संशोधन का प्रभाव मुख्य रूप से लंबी दूरी की यात्राओं और विशेष श्रेणी की ट्रेनों पर पड़ेगा.
रेल मंत्रालय ने यह भी बताया कि यह साल में दूसरी बार है जब यात्री रेल किराए में बदलाव किया गया है. इससे पहले जुलाई में किराया बढ़ाया गया था. इस बार की वृद्धि का उद्देश्य लंबी दूरी की यात्राओं में खर्च बढ़ने वाले परिवहन लागत और रेल सेवाओं की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए किया गया है.
आज से महंगी हो गई रेल यात्रा। ट्रेन टिकट हुए महंगे। साधारण और मेल-एक्सप्रेस क्लास के किराए में बढ़ोतरी लागू।@IRCTCofficial @RailMinIndia #TrainFareHike #IndianRailways pic.twitter.com/zg0XBPj8pg
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) December 26, 2025
कितनी बढ़ी कीमतें?
रेल मंत्रालय ने आधिकारिक अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया कि 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए साधारण श्रेणी के टिकट की कीमत में प्रति किलोमीटर एक पैसा और मेल/एक्सप्रेस रेलगाड़ियों की गैर वातानुकूलित और सभी वातानुकूलित श्रेणियों के टिकट की कीमत में प्रति किलोमीटर दो पैसे की वृद्धि होगी. इसका मतलब यह है कि लंबी दूरी की यात्राओं में टिकट का खर्च बढ़ जाएगा, जबकि कम दूरी की यात्रियों पर इसका कोई असर नहीं होगा.
विशेष रूप से, द्वितीय श्रेणी साधारण में 215 किलोमीटर तक की यात्राओं के लिए किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है. इससे रोजाना यात्रा करने वाले और कम दूरी के यात्रियों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा. वहीं, 216 किलोमीटर से 750 किलोमीटर तक की दूरी के लिए किराए में पांच रुपये की वृद्धि की जाएगी. इसी तरह, 751 किलोमीटर से 1250 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 10 रुपये, 1251 किलोमीटर से 1750 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 15 रुपये और 1751 किलोमीटर से 2250 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 20 रुपये की वृद्धि लागू होगी.
कौन सी ट्रेनें महंगी हुई?
इस बढ़ोतरी का असर मुख्य रूप से प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनों पर होगा. इनमें तेजस राजधानी, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, हमसफर, अमृत भारत, तेजस, महामना, गतिमान, अंत्योदय, गरीब रथ, जन शताब्दी, युवा एक्सप्रेस, नमो भारत रैपिड रेल और सामान्य गैर-उपनगरीय सेवाएं शामिल हैं. इनमें मौजूदा मूल किराए को अनुमोदित वर्ग-वार मूल किराए के अनुरूप संशोधित किया गया है. हालांकि, एसी मेमू और डेमू जैसी कुछ गैर-उपनगरीय सेवाओं में यह बदलाव लागू नहीं होगा.
रेल मंत्रालय का कहना है कि इस वृद्धि का उद्देश्य रेलवे की वित्तीय स्थिरता बनाए रखना और यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है. पिछले कुछ वर्षों में रेलवे ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं. इन परियोजनाओं के संचालन और मेंटेनेंस में खर्च बढ़ा है, जिसे ध्यान में रखते हुए किराए में संशोधन किया गया है.
यात्रियों की प्रतिक्रिया और भविष्य की दिशा
किराए में इस वृद्धि के बावजूद, छोटे दूरी के यात्रियों को राहत दी गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की यात्राओं में बढ़ी हुई लागत यात्रियों को प्रभावित कर सकती है, लेकिन यह कदम रेलवे की सेवा सुधार योजनाओं और आधुनिक ट्रेन नेटवर्क के विस्तार के लिए जरूरी है. भविष्य में भी रेलवे समय-समय पर किराए में समायोजन कर सकती है ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध सेवाएं मिलती रहें.
भारतीय रेलवे ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्राओं के लिए किराए बढ़ाकर वित्तीय स्थिरता और सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित करने की कोशिश की है. हालांकि छोटे दूरी के यात्रियों और रोजाना यात्रा करने वालों को इससे राहत मिली है, लेकिन लंबी दूरी की यात्राओं में अब यात्रियों को अधिक खर्च करने की तैयारी करनी होगी. यह वृद्धि यात्रियों को अधिक सुविधा और बेहतर सेवाओं के साथ सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक कदम है.
खुशी डैंग, प्रोड्यूसर