Daily 24 भारत डेस्क: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक बार फिर अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की ताकत का प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है. इसरो ने साल के अपने आखिरी मिशन में अब तक का सबसे भारी संचार उपग्रह ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया. यह पूरी तरह से एक कॉमर्शियल मिशन था, जिसे इसरो के शक्तिशाली LVM3 रॉकेट के जरिए अंजाम दिया गया.
दिल्ली: अंतरिक्ष में भारत की बड़ी छलांग, LVM3-M6 लॉन्चर से ISRO ने लॉन्च किया दुनिया का सबसे भारी सैटेलाइट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो को दी बधाई। पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना की। BlueBird Block-2 मिशन की सफल लॉन्चिंग।@narendramodi @isro #Delhi #ISRO… pic.twitter.com/HELzqLDzO1
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आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह 8:55 बजे इस मिशन की लॉन्चिंग की गई. करीब 16 मिनट की उड़ान के बाद 6100 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह रॉकेट से अलग होकर 520 किलोमीटर ऊंचाई पर पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया. यह उपग्रह अमेरिका की कंपनी AST स्पेसमोबाइल (AST & Science, LLC) का है, जिसे इसरो की कमर्शियल शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के साथ हुए समझौते के तहत लॉन्च किया गया. ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 अब तक इसरो द्वारा लॉन्च किया गया सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट है.
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इस मिशन में इस्तेमाल किया गया LVM3 रॉकेट, जिसे उसकी भारी भार उठाने की क्षमता के कारण ‘बाहुबली’ भी कहा जाता है, अपनी छठवीं उड़ान पर था. खास बात यह है कि यह LVM3 की तीसरी कॉमर्शियल उड़ान रही, जिसने वैश्विक लॉन्च सेवाओं में भारत की मजबूत स्थिति को और पुख्ता किया है. इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खुशी जताई. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भारत के युवाओं की ताकत से देश का अंतरिक्ष कार्यक्रम लगातार आधुनिक और प्रभावी बन रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि LVM3 ने एक बार फिर भरोसेमंद हैवी-लिफ्ट प्रदर्शन दिखाया है, जो भविष्य के गगनयान मिशन, कमर्शियल लॉन्च सेवाओं के विस्तार और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा. इस सफल लॉन्च के साथ ही इसरो ने यह साबित कर दिया है कि भारत न सिर्फ अंतरिक्ष अनुसंधान में आत्मनिर्भर हो रहा है, बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भी एक भरोसेमंद और सक्षम साझेदार बन चुका है.