डेली24भारत डेस्क: विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के प्लेट ग्रुप मुकाबले में बिहार और अरुणाचल प्रदेश के बीच खेला गया मैच क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार बन गया। इस मैच में 14 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया। वैभव ने बल्लेबाजों और गेंदबाजों की क्लासिक धुनाई करते हुए मैदान में छक्कों और चौकों की बौछार कर दी। उनके आक्रामक खेल ने लिस्ट ए क्रिकेट इतिहास में अपनी छाप छोड़ दी। उन्होंने महज 84 गेंदों में 190 रन की जबरदस्त पारी खेली, जिसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत बिहार ने केवल 32 ओवर में 2 विकेट खोकर 309 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।
वैभव की पारी की शुरुआत ही धमाकेदार थी। पहले बल्लेबाजी करने उतरी बिहार की टीम को उन्होंने और उनके सलामी बल्लेबाज महरोर ने शानदार शुरुआत दी। महरोर ने 33 रन बनाए और उनका विकेट 14.3 ओवर में गिरा, जबकि टीम का स्कोर 158 रन था। लेकिन उस समय तक वैभव ने केवल 36 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया था। इसके बाद भी उन्होंने अपने आक्रामक अंदाज को बनाए रखा और बिहार को मजबूत स्थिति में पहुँचाया। 27वें ओवर की चौथी गेंद पर वैभव आउट हुए, तब तक टीम का स्कोर 261/2 था।
वैभव सूर्यवंशी ने इस पारी के जरिए 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में धमाल मचाने वाले इस युवा खिलाड़ी ने विजय हजारे ट्रॉफी में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने सिर्फ 36 गेंदों में शतक बनाकर लिस्ट ए क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने का गौरव हासिल किया। गौरतलब है कि पिछले सीजन में अनमोलप्रीत सिंह ने इसी टूर्नामेंट में 35 गेंदों में शतक जड़ा था, इसलिए वैभव उनसे केवल एक गेंद पीछे रह गए। इसके अलावा, युसूफ पठान का 2009-10 के सीजन में बनाया गया 40 गेंदों का रिकॉर्ड भी वैभव ने पीछे छोड़ दिया।
इस पारी ने न केवल वैभव की बल्लेबाजी की आक्रामकता को दिखाया, बल्कि उनकी मानसिक दृढ़ता और खेल को समझने की क्षमता को भी उजागर किया। बिहार के लिए यह पारी किसी सपने से कम नहीं थी, और युवा क्रिकेट प्रेमियों के लिए वैभव एक प्रेरणा बनकर उभरे।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर