Daily 24 भारत डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को निकालने के लिए आदेश जारी कर दिया है. जिसके चलते नगर निकायों की सूची बनाने के बाद उसको आईजी और कमीश्नर को सौंपने के आदेश दिए हैं. जिसके चलते सीएम योगी का एक्शन शुरू हो चुका है.
बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को निकालने के लिए कार्रवाई शुरू हो चुकी है. जिसके चलते योगी आदित्यनाथ ने इस कार्य को करने के लिए आदेश दे दिए हैं. इस संबंध में 17 नगर निकायों का कार्य शुरू हो चुका है. निर्देश देते हुए सीएम योगी ने कहा है कि नगर निकायों में काम करने वाले रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की सूची बनाकर कमीश्नर व आईजी को सौंपे. इसी के साथ प्रथम चरण में डिटेंशन के निर्देश दिए गए हैं, जोकि कमीश्नर और आईजी के लिए हैं. जिसके चलते प्रदेश के हर मंडल में डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे. सीएम योगी के इस आदेश के बाद अधिकारी एक्शन में आ गए हैं.
दिल्ली की तर्ज पर बन रहे डिटेंशन सेंटर
प्रदेश में विदेश से आए घुसपैठियों को निकालने के लिए दिल्ली की तर्ज पर डिटेंशन सेंटर बनेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद कई तरह की कार्रवाई शुरू कर दी गई हैं. जिसके चलते जो भी विदेशी घुसपैठी मिलेंगे, उनको वापस भेजा जाएगा. जिससे उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जब तक इन लोगों को वापस भेजा जाएगा, तब तक के लिए इन्हें डिटेंशन सेंटर में रखने की जगहें तलाशी जा रही हैं. प्रदेश शासन के निर्देश पर जिलों में खाली सरकारी इमारतों, पुलिस लाइन, थाने, सामुदायिक केंद्र आदी को चिन्हित कर रखा जा रहा है. जिससे घुसपैठियों को कड़ी सुरक्षा में रखा जाए.
यहां होगी खाने-पीने और इलाज की सुविधा
दिल्ली में लगभग 18 डिटेंशन चल रहे हैं, जिसमें विदेशी नागरिकों को सुरक्षा के बदोबस्त में रखा जा रहा है. जिसके अंदर करीब 1500 नागरिक आ चुके हैं. बताया जा रहा है कि इन नागरिकों में बांग्लादेशी, रोहिंग्या और अफ्रीकी मूल के देशों के हैं. जोकि अवैध रूप से सीमा पार करके भारत में घुसे हैं.
भारतीय नागरिकता के दस्तावेज बनवा लेने के कारण बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों का सत्यापन चल रहा है. जहां इनको रखा जा रहा है उस डिटेंशन सेंटर पर खाने-पीने और इलाज की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है. जहां पर सुरक्षा इंतजाम भी पुख्ता रहते हैं. जिसके बाद फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) के तहत उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है. तमाम राज्यों से जितने भी घुसपैठी पकड़े जाते हैं, और उन्हें असम और पश्चिम बंगाल में बीएसएफ की मदद लेकर वापस भेजा जाता है. वहीं पर इसके संचालन की प्रक्रिया भी केंद्रिय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को भेजी है. जिसके चलते अब उत्तर प्रदेश में भी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे. जिला प्रशासन और पुलिस पर इसके प्रबंधन और सुरक्षा की जिम्मेदारी रहेगी. इसके साथ ही इन पकड़े जा रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या की जानकारी गृह विभाग को प्रतिदिन दी जाएगी.