Daily 24 भारत डेस्क: IIMT University Meerut में तीसरे वार्षिक दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमे शिक्षा, उपलब्धि और सम्मान का संगम हुआ. इस अवसर पर भारत के माननीय उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे. उनके आगमन से समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई. कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अतिथियों का स्वागत किया. अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने छात्रों को ज्ञान, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज निर्माण की आधारशिला है. उन्होंने युवाओं को नवाचार, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया.
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण रहा प्रतिष्ठित विद्वान हरी सिंह रावत को ‘विद्या वाचस्पति’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाना. उन्हें यह सम्मान शिक्षा, समाज सेवा और ज्योतिष के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया. मंच पर उन्हें सम्मानित करते समय पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी, जो उनके कार्यों के प्रति सम्मान और सराहना को दर्शाती है. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चेयरमैन एवं कुलपति योगोश मोहन गुप्ता ने संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला.
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय लगातार गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है. प्रो-चांसलर मयंक गुप्ता और वाइस चांसलर दीपा शर्मा ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया.
वहीं ज्योतिष विभाग की डीन आशा त्यागी की उपस्थिति ने समारोह को विशेष आयाम दिया. समारोह में कई विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे, जिनमें लक्ष्मीकांत वाजपेयी और धर्मपाल सिंह शामिल रहे. सभी अतिथियों ने छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के हजारों छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं.
छात्रों ने अपने वर्षों के परिश्रम का फल प्राप्त किया और इस विशेष क्षण को अपने परिवार और शिक्षकों के साथ साझा किया. समारोह में कई मेधावी छात्रों को विशेष पुरस्कार और सम्मान भी दिए गए, जिससे अन्य छात्रों को उत्कृष्टता की ओर प्रेरणा मिली. पूरा आयोजन उत्साह, गर्व और प्रेरणा से भरा रहा. यह दीक्षांत समारोह न केवल छात्रों की शैक्षणिक यात्रा का समापन था, बल्कि उनके जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत का भी प्रतीक बना. विश्वविद्यालय परिसर में इस अवसर पर उल्लास का माहौल रहा, जहां हर चेहरे पर सफलता और भविष्य की नई उम्मीदों की चमक साफ दिखाई दे रही थी.