डेली24 भारत डेस्क: सर्दियों के मौसम में अक्सर लोगों के बीच यह धारणा फैल जाती है कि शराब पीने से ठंड नहीं लगती. कई लोग तो ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए शराब का सेवन करते हैं, यह सोचकर कि इससे शरीर को गर्माहट मिलेगी और ठंड का असर कम होगा. लेकिन क्या वाकई शराब पीने से शरीर को ठंड से सुरक्षा मिलती है? या यह सिर्फ एक भ्रम है? आइए जानते हैं विज्ञान की दृष्टि से इस मिथक के पीछे की सच्चाई.
शराब का सेवन करने के तुरंत बाद व्यक्ति को हल्की गर्मी का अनुभव होता है. इसका कारण यह है कि शराब शरीर में पहुंचकर रक्त वाहिकाओं को फैलाती है, जिससे त्वचा के नजदीक रक्त प्रवाह बढ़ जाता है. इससे त्वचा को अस्थायी रूप से गर्माहट महसूस होती है. यही कारण है कि शराब पीने के कुछ मिनटों तक शरीर को गर्म लगता है. वह सिर्फ एक अस्थायी फीलिंग है. असल में शरीर का तापमान घट रहा होता है. यानी शराब ठंड से बचाती नहीं बल्कि शरीर को ठंड के प्रति और संवेदनशील बनाती है.
यह मिथ सदियों पुराना है. शराब शरीर में जाने के बाद ब्लड वेसल्स को फैलाती है. इससे ब्लड स्किन की सतह तक पहुंच जाता है और गर्माहट का अहसास होता है. लेकिन इस दौरान शरीर का कोर टेम्परेचर यानी आंतरिक तापमान घटने लगता है क्योंकि गर्म खून शरीर के अंदरूनी हिस्सों से बाहर की ओर चला जाता है. यही वजह है कि शराब पीने के बाद भले ही शरीर गर्म महसूस करे, लेकिन अंदर से ठंड बढ़ती जाती है. शराब शरीर की कंपकंपी की प्रतिक्रिया को भी दबा देती है, जो शरीर में नेचुरल गर्मी पैदा करने की एक प्रक्रिया है. चाहे गर्मी हो, बरसात हो या फिर ठंड, शराब हर मौसम में सेहत को उतना ही नुकसान पहुंचाती है. अल्कोहल डाइयुरेटिक होता है, यानी यह यूरिन फ्रीक्वेंसी बढ़ाता है. ऐसे में जहां सर्दियों में प्यास कम लगती है, वहीं डिहाइड्रेशन तेजी से होता है. इससे बॉडी टेम्परेचर रेगुलेशन बिगड़ जाता है.
ठंड में शराब पीने के खतरे!
ठंड में शराब पीने के खतरे के बारे में बात करें तो हाइपोथर्मिया का खतरा- शराब पीने से शरीर का असली तापमान घटने लगता है, जिससे व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है…..निर्णय क्षमता में कमी- शराब मस्तिष्क के फैसले लेने की क्षमता को प्रभावित करती है. ठंड में व्यक्ति को लग सकता है कि उसे कोट या स्वेटर की जरूरत नहीं है, जबकि शरीर तापमान तेजी से गिर रहा होता है. हार्ट स्ट्रेन- ठंड और शराब दोनों ही हृदय पर असर डालते हैं. दोनों का संयोजन हृदय की धड़कन बढ़ा सकता है और ब्लड प्रेशर को अस्थिर कर सकता है. शरीर के डिहाइड्रेशन का खतरा- शराब डाइयूरेटिक होती है, यानी यह शरीर से पानी की मात्रा कम करती है, जिससे ठंड में डिहाइड्रेशन की संभावना बढ़ जाती है.
सर्दियों में शराब का असर जल्दी क्यों होता है?
ठंड में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं. लेकिन शराब पीने पर ये वेसल्स फैल जाती हैं और ब्लड फ्लो तेजी से स्किन की सतह तक पहुंचता है. इससे न केवल शरीर की गर्मी जल्दी बाहर निकलती है, बल्कि शराब भी तेजी से ब्लड में मिक्स होकर असर दिखाती है. इस वजह से ठंड के मौसम में नशे का असर जल्दी और ज्यादा महसूस होता है. इससे ओवरड्रिंकिंग का खतरा बढ़ता है, जो हाइपोथर्मिया के रिस्क को दोगुना कर देता है.
शराब के बजाय क्या करें ठंड से बचाव के लिए?
गर्म कपड़े पहनें- शरीर को अंदर से और बाहर से गर्म रखने के लिए लेयरिंग करें. गर्म पानी पिएं, अदरक की चाय, सूप, या हल्दी दूध जैसे प्राकृतिक गर्म पेय शरीर को बेहतर तरीके से गर्म रखते हैं. संतुलित आहार लें- विटामिन और मिनरल्स से भरपूर भोजन शरीर की इम्युनिटी और तापमान नियंत्रण दोनों में मदद करता है. शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं- हल्का व्यायाम या वॉक करने से शरीर में रक्त प्रवाह स्वाभाविक रूप से बढ़ता है और गर्मी बनी रहती है.
शराब पीने से ठंड नहीं भागती, बल्कि शरीर को अंदर से ठंडा कर देती है. यह धारणा कि शराब से शरीर गर्म रहता है, एक खतरनाक भ्रम है. अल्पकालिक गर्मी के अहसास के कारण लोग इसके असली असर को नजरअंदाज कर देते हैं. सर्दियों में ठंड से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है- गर्म कपड़े पहनना, संतुलित खानपान रखना और शरीर को प्राकृतिक रूप से सक्रिय रखना. याद रखें, शराब ठंड की दवा नहीं है, बल्कि ठंड में इसे पीना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
खुशी डैंग, प्रोड्यूसर