डेली24भारत डेस्क: आजकल बहुत से लोग समय से पहले बालों के सफेद होने की समस्या से परेशान हैं. यह समस्या अब केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि 18 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं में भी तेजी से देखने को मिल रही है. जहां पहले सफेद बाल बढ़ती उम्र की निशानी माने जाते थे, वहीं अब यह जीवनशैली, खानपान और पोषण की कमी से जुड़ी एक आम परेशानी बन चुकी है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि बालों के समय से पहले सफेद होने की असली वजह क्या है और किन विटामिन्स और मिनरल्स की कमी इसके पीछे छिपी होती है. समय से पहले बाल सफेद होने में जेनेटिक्स की भूमिका है, लेकिन कुछ विटामिन और मिनरल्स की कमी से ये प्रक्रिया तेज हो सकती है, इसलिए बैलेंस्ड डाइट से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है.
समय से पहले बाल सफेद क्यों होते हैं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनिया में हर साल लाखों लोगों को समय से पहले सफेद बालों की समस्या होती है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, दुनिया के 25% से ज्यादा लोगों के बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं. बालों के काला बने रहने के लिए मेलानिन नाम का पिगमेंट जरूरी है. अगर शरीर में विटामिन B12, D, B7, B5, कॉपर, जिंक और आयरन की कमी हो जाए, तो मेलानोसाइट्स कमजोर हो जाती हैं और बाल सफेद होने लगते हैं, लेकिन यदि यह कम उम्र में हो रहा है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, विटामिन और मिनरल्स की कमी, मानसिक तनाव और नींद की कमी, असंतुलित आहार, हार्मोनल असंतुलन, धूम्रपान और प्रदूषण का प्रभाव, या फिर जेनेटिक.
तनाव और लाइफस्टाइल का भी बड़ा असर!
पोषक तत्वों की कमी के साथ-साथ मानसिक तनाव, नींद की कमी, जंक फूड, धूम्रपान, और प्रदूषण भी बालों के सफेद होने की रफ्तार को बढ़ा सकते हैं. तनाव के कारण शरीर में हाइड्रोजन पेरॉक्साइड का स्तर बढ़ जाता है, जो बालों के रंगद्रव्य को नष्ट कर देता है, इसलिए तनावमुक्त जीवनशैली, ध्यान, योग और पर्याप्त नींद लेना भी बेहद जरूरी है.
प्रीमेच्योर ग्रेइंग के क्या लक्षण हैं?
प्रीमेच्योर ग्रेइंग के लक्षण शुरुआत में बहुत हल्के होते हैं, कभी एक-दो सफेद बाल दिख सकते हैं, अगर यह न्यूट्रिएंट्स की कमी से हो रहा है तो इसके साथ थकान, हेयरफॉल, स्किन में रूखापन या नाखूनों में बदलाव दिख सकते हैं. बाल पतले और कमजोर हो रहे हैं, बाल बहुत धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, त्वचा रूखी और बेजान दिख रही है, नाखून कमजोर हो रहे हैं, टूट रहे हैं, तनाव बढ़ रहा है, नींद नहीं पूरी हो पा रही है, स्कैल्प रूखा और ड्राई महसूस होता है, शरीर में ऊर्जा कम महसूस होती है, अक्सर थकान रहती है, कुछ बाल सफेद नजर आ रहे हैं, दाढ़ी के रंग में बदलाव दिख रहा है. सफेद बालों को पूरी तरह रिवर्स नहीं किया जा सकता है, लेकिन न्यूट्रिएंट्स की कमी दूर करके इसकी स्पीड कम की जा सकती है. पहले ब्लड टेस्ट से डेफिशिएंसी चेक करवाएं, अगर न्यूट्रिएंट्स की कमी है, तो डॉक्टर की सलाह से जरूरी सप्लीमेंट्स लें. डाइट प्लान में जरूरी बदलाव करें.
समाधान और रोकथाम के उपाय?
संतुलित आहार लें जिसमें विटामिन और मिनरल्स भरपूर हों. हर दिन कम से कम 15–20 मिनट धूप में रहें ताकि विटामिन D का स्तर ठीक रहे. तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और हल्का व्यायाम करें. धूम्रपान और अत्यधिक कैफीन से बचें. नियमित रूप से बालों की मालिश करें ताकि रक्त संचार बेहतर हो. सफेद हो रहे बाल किसी बीमारी या न्यूट्रिशन डेफिशिएंसी का इशारा भी हो सकता है, इसलिए इग्नोर करने पर प्रीमेच्योर ग्रेइंग के अलावा एनीमिया, थायरॉइड या इम्यून प्रॉब्लम्स हो सकती हैं.
समय से पहले बाल सफेद होना केवल सौंदर्य से जुड़ी चिंता नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर में चल रही पोषण संबंधी असंतुलन का संकेत भी हो सकता है. अगर बाल तेजी से सफेद हो रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें. सही आहार, संतुलित जीवनशैली और आवश्यक विटामिन्स और मिनरल्स की पूर्ति से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है. याद रखें- स्वस्थ शरीर ही सुंदर और प्राकृतिक बालों का असली रहस्य है.
खुशी डैंग, प्रोड्यूसर