Daily 24 भारत डेस्क: विशेष न्यायालय के निर्देश पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और अन्य के खिलाफ झूसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने शनिवार देर रात लगभग 11:30 बजे मामला पंजीकृत किया. अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है.
एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 351(3) तथा यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO), 2012 की धारा 3, 4(2), 6, 16, 17 और 51 के तहत दर्ज की गई है. शिकायत में नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
यह आदेश विशेष न्यायाधीश (POCSO) विनोद कुमार चौरसिया ने आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया. न्यायालय ने अपने आदेश में शिकायत, दो कथित पीड़ितों के बयान, स्वतंत्र गवाहों की गवाही तथा प्रयागराज के सहायक पुलिस आयुक्त की जांच रिपोर्ट का उल्लेख किया है.
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि वे पुलिस की किसी भी कार्रवाई का विरोध नहीं करेंगे और जांच में पूरा सहयोग देंगे. उन्होंने कहा कि वे तीन अदालतों में विश्वास रखते हैं—जनता, उनकी अंतरात्मा और ईश्वर. उनके अनुसार जनता सब कुछ देख रही है, अंतरात्मा जानती है कि वे सही हैं या गलत, और ईश्वर सर्वोच्च न्यायाधीश हैं. स्वामी ने दावा किया कि उन्हें इन तीनों ‘अदालतों’ से क्लीन चिट मिल चुकी है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच विधि सम्मत तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी और सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल की जाएगी.