Daily 24 भारत डेस्क: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में तैनात एडिशनल एसपी अनुज चौधरी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. वजह है संभल हिंसा मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला. संभल के सीजेएम कोर्ट ने अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. आरोप है कि हिंसा के दौरान पुलिस फायरिंग में एक किशोर घायल हुआ था. आइए जानते हैं, क्या है पूरा मामला और क्यों अनुज चौधरी का नाम फिर चर्चा में है.
संभल के शाही जामा मस्जिद इलाके में सर्वे के दौरान हालात अचानक बेकाबू हो गए. हजारों की भीड़ जमा हुई, पथराव हुआ और फायरिंग की घटनाएं सामने आईं. इसी हिंसा में आलम नाम का एक किशोर गोली लगने से घायल हो गया था.आलम के पिता यामीन ने आरोप लगाया कि उनका बेटा मस्जिद के पास बिस्किट बेचने गया था और पुलिस ने सीधे गोली चला दी. यामीन ने उस वक्त संभल में तैनात सीओ अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
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— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) January 14, 2026
मंगलवार को CJM कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए अनुज चौधरी समेत 12 लोगों पर FIR दर्ज करने के निर्देश दे दिए. यह आदेश अनुज चौधरी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.अनुज चौधरी वही अधिकारी हैं जिनका करियर संभल से चमका भी और अब सवालों में भी घिर गया.16 दिसंबर 2023 को उनकी तैनाती संभल में हुई थी. 2024 की हिंसा के बाद वे लगातार चर्चा में रहे और करीब 9 महीने बाद 2025 में उन्हें प्रमोशन देकर एडिशनल एसपी बनाया गया. फिलहाल उनकी तैनाती फिरोजाबाद में है.
अनुज चौधरी सिर्फ एक पुलिस अफसर नहीं, बल्कि 2004 एथेंस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके पहलवान हैं. मुजफ्फरनगर के बधेरी गांव में जन्मे अनुज को अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है.वे 2012 में स्पोर्ट्स कोटे से इंस्पेक्टर बने और 2012 में ही सीओ बनाए गए थे. संभल में तैनाती के दौरान उनके बयान भी खूब विवादों में रहे. “होली साल में एक बार, जुम्मा 52 बार” वाला बयान विपक्ष के निशाने पर आया. पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने उन पर सेवा नियमों के उल्लंघन और सांप्रदायिक बयानबाजी के आरोप लगाए. हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में अनुज चौधरी का समर्थन भी किया.
सोशल मीडिया पर अनुज चौधरी की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है. इंस्टाग्राम पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. वर्कआउट रील्स से लेकर वर्दी में धार्मिक अनुष्ठान करते वीडियो तक, उनकी मौजूदगी लगातार चर्चा में रहती है.संभल हिंसा के बाद मस्जिद के पास बंद पड़े मंदिर को खोलने और पूजा करते उनकी तस्वीरें भी वायरल हुई थीं. इससे पहले 2023 में रामपुर में सपा नेता आजम खान से हुई उनकी तीखी बहस का वीडियो भी काफी सुर्खियों में रहा था.अब सवाल ये है कि जिस संभल ने अनुज चौधरी को पहचान दिलाई, वही शहर उनके करियर के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा हो गया है.कोर्ट के FIR आदेश के बाद अब जांच की दिशा क्या होगी और इसका असर अनुज चौधरी के करियर पर कितना पड़ेगा, इस पर सबकी नजर टिकी है.