डेली24भारत डेस्क: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए खुद को वेनेजुएला का अंतरिम राष्ट्रपति (एक्टिंग प्रेसिडेंट) घोषित किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उनके साथ यह लिखा था कि वे जनवरी 2026 से वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में पद संभालेंगे। इसी पोस्ट में ट्रम्प ने यह भी दिखाया कि वे अमेरिका के 45वें और 47वें राष्ट्रपति हैं। इस पोस्ट पर अभी तक व्हाइट हाउस या अमेरिकी प्रशासन से कोई औपचारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इससे पहले 2 जनवरी को अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य और कूटनीतिक कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क लाया गया। ट्रम्प ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट किया कि वेनेजुएला के प्रशासन का संचालन अमेरिका ही करेगा, जब तक वहां स्थिर और सुरक्षित सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता। उनका कहना है कि वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सत्ता में कोई ऐसा व्यक्ति न आए जो वेनेजुएला के लोगों के हितों का ध्यान न रखे।
मादुरो के हटने के बाद वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति और रोड्रिग्ज को देश की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई थी। ट्रम्प के अनुसार, अंतरिम सरकार अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल उच्च गुणवत्ता वाला प्रतिबंधित तेल उपलब्ध कराएगी, जिसे अमेरिकी नियंत्रण में बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि तेल से होने वाली आमदनी उनके नियंत्रण में रहेगी, ताकि इसे वेनेजुएला और अमेरिका के लोगों के हित में इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने ऊर्जा सचिव क्रिस राइट को इस योजना को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं।
अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बड़ा ऐलान। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खुद को वेनेजुएला का ‘एक्टिंग प्रेसिडेंट’ बताया।@realDonaldTrump #USA #DonaldTrump #Venezuela pic.twitter.com/1mTtz4VqPs
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) January 12, 2026
ट्रम्प ने बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियों जैसे एक्सॉन मोबिल, कोनोकोफिलिप्स और शेवरॉन के अधिकारियों के साथ बैठक कर यह तय किया कि कौन सी कंपनियां वेनेजुएला में निवेश करेंगी। शेवरॉन के वाइस चेयरमैन मार्क नेल्सन ने कहा कि उनकी कंपनी वेनेजुएला में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा कई छोटी कंपनियां और निवेशक भी इस बैठक में शामिल हुए और उन्होंने ट्रम्प की नीतियों की सराहना करते हुए निवेश करने की इच्छा जताई।
व्हाइट हाउस ने इस पूरे मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है कि क्या ट्रम्प के इस पोस्ट को आधिकारिक माना जाएगा या नहीं। वहीं, वेनेजुएला के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 3 जनवरी की कार्रवाई में करीब 100 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितनी मौतें अमेरिकी अत्याधुनिक हथियारों के कारण हुईं। अमेरिका के एक पूर्व गुप्त अधिकारी ने कहा कि यह लक्षण डायरेक्टेड एनर्जी हथियारों से मेल खाते हैं, जो माइक्रोवेव या लेजर तकनीक का इस्तेमाल कर शरीर को अस्थायी रूप से पैरालाइज कर सकते हैं, दर्द और खून बहने जैसी स्थितियां पैदा कर सकते हैं।
इस सैन्य कार्रवाई और राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद पूरे लैटिन अमेरिका में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। विशेषकर तब, जब ट्रम्प ने हाल ही में संकेत दिया कि मेक्सिको भी अमेरिका की निगरानी सूची में शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह चेतावनी अमेरिका से विरोध करने वाले लोगों के लिए है और इसका प्रभाव केवल वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर