डेली24भारत डेस्क: इंकलाब मंच के कार्यकर्ता मोहम्मद रफी ने बताया कि 12 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद वह और उनके साथी दोपहर के भोजन के लिए हाईकोर्ट इलाके की ओर जा रहे थे। बिजयनगर पहुँचने पर, दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने सीधे हादी पर गोली चलाई और तुरंत फरार हो गए।
नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) और बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी ने उस्मान हादी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उनके बयान में कहा गया कि “हमारे साथी की मृत्यु से NCP के सभी स्तरों के नेता और कार्यकर्ता गहरे दुःख में हैं। हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।”
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने हमलावर की पहचान फैसल करीम मसूद के रूप में की है, जो हादी पर गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी है। पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) के अनुसार, हमले में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल उसके साथी आलमगीर शेख ने चलाई थी। जांच सूत्रों के अनुसार, ये दोनों संदिग्ध अवैध रूप से सीमा पार कर भारत भाग गए। अब तक इस हत्या के सिलसिले में 14 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं, जिनमें फैसल के परिवार के सदस्य और उसके साथी शामिल हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों में फैसल के पिता मोहम्मद हुमायूं कबीर, माता मूसा हासी बेगम, पत्नी शहीदा परवीन सामिया और बहनोई वाहिद अहमद सिपु शामिल हैं। इसके अलावा अन्य गिरफ्तार लोगों में मोहम्मद नूरुज्जमान नोमानी (उज्ज्वल), मोहम्मद कबीर, अब्दुल हन्नान, मोहम्मद हिरोन, मोहम्मद रज्जाक, फैसल की प्रेमिका मारिया अख्तर, सिमिरोन देव और संजय चिसिम शामिल हैं, जिन्हें हलुआघाट सीमा क्षेत्र में सक्रिय मानव तस्करों के रूप में पहचाना गया है।
उस्मान हादी की हत्या के बाद राजधानी ढाका में हिंसक प्रदर्शन हुए। ढाका विश्वविद्यालय के पास शाहबाग चौराहे पर सैकड़ों छात्रों और आम नागरिकों ने “तुम कौन हो, मैं कौन हूं-हादी, हादी” जैसे नारे लगाए। जातीय छात्र शक्ति नामक छात्र संगठन ने शोक जुलूस निकाला और विश्वविद्यालय परिसर से शाहबाग की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने ढाका को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग को बंद कर दिया और चटगांव में पूर्व मंत्री के घर में तोड़फोड़ की। हिंसा की लपटें शहर के सांस्कृतिक और मीडिया केंद्रों तक पहुँच गईं। प्रदर्शनकारियों ने बंगाली संस्कृति को बढ़ावा देने वाले प्रमुख संगठन छायानाट के परिसर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसके अलावा ढाका में द डेली स्टार और प्रोथोम आलो समाचार पत्रों पर भी हमला किया गया। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने इन समाचार पत्रों को निशाना इसलिए बनाया क्योंकि उनका आरोप था कि ये भारत के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं, जहाँ शेख हसीना शरण में हैं। इस बीच, शेख मुजीबुर रहमान के आवास और अवामी लीग कार्यालयों पर भी तोड़फोड़ और आगजनी हुई। ढाका यूनिवर्सिटी में शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलकर “शहीद उस्मान हादी हॉल” कर दिया गया।
बांग्लादेश में हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग, शव को पेड़ से बांधकर लगाई आग। ‘जुलाई विद्रोह’ के नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण। 6 दिन अस्पताल में संघर्ष के बाद सिंगापुर में हुई मौत। हिंसा में भीड़ द्वारा एक हिंदू युवक की हत्या।… pic.twitter.com/jC7i72WE2k
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) December 19, 2025
बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने भारतीय नागरिकों और छात्रों से यात्रा से बचने की चेतावनी जारी की। चटगांव में उच्चायोग के बाहर हिंसा में चार लोग घायल हुए, जिनमें दो पुलिसकर्मी शामिल थे। साथ ही, खुलना में पत्रकार इमदादुल हक मिलन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, हमला अचानक हुआ जब मिलन एक चाय की दुकान पर बैठे थे। देश में राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है क्योंकि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग एक-दूसरे पर अशांति फैलाने का आरोप लगा रही हैं। बांग्लादेश में चुनाव 12 फरवरी को होने हैं, और इन घटनाओं के चलते पूरे देश में सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ गई है। सिंगापुर में उस्मान हादी के रिश्तेदार और समर्थक उनके शव को देखने के लिए पहुँचे। उनका अंतिम संस्कार ढाका के मानिक मियां एवेन्यू में जोहर की नमाज के बाद किया जाएगा।
बांग्लादेश के खेल मंत्री आसिफ महमूद सजीब भुइयां ने कहा कि हादी की शहादत के बाद देश की एकता और संघर्ष को भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों की उकसावे वाली कार्रवाई में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है। पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने कहा कि इस घटना के पीछे जिहादी मानसिकता और राजनीतिक साजिश की संभावना है। उनका कहना है कि मीडिया और चुनावी प्रक्रिया पर हमला पहले से सोची-समझी योजना का हिस्सा हो सकता है।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर