लखनऊ: केंद्रीय मंत्री और महाराजगंज से सांसद पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष होंगे। शनिवार को उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।
पंकज चौधरी के नामांकन प्रस्तावकों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। उनके चयन को विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट के तौर पर देखा जा रहा है।
कौन हैं पंकज चौधरी?
कुर्मी बिरादरी से आने वाले पंकज चौधरी गोरखपुर के रहने वाले हैं और सात बार के सांसद रह चुके हैं। उन्होंने राजनीति की शुरुआत पार्षद के रूप में की थी और वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री हैं। वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। पंकज चौधरी वही नेता हैं, जिनके घर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार करीब 200 मीटर पैदल चलकर पहुंचे थे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसी क्षेत्र से आते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, अमरपाल मौर्य, साध्वी निरंजन ज्योति समेत कई नाम चर्चा में थे। दलित वर्ग से विनोद सोनकर, विद्यासागर सोनकर और जुगल किशोर के नाम भी रेस में बताए जा रहे थे।
14 दिसंबर को होगी औपचारिक घोषणा
भाजपा के 17वें प्रदेश अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा 14 दिसंबर (रविवार) को की जाएगी। केंद्रीय चुनाव अधिकारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस दिन नाम की घोषणा करेंगे। चुनाव प्रक्रिया डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय स्थित डॉ. आंबेडकर सभागार में संपन्न होगी।
इस मौके पर केंद्रीय और प्रदेश पदाधिकारी, सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों समेत करीब 3500 पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।