Daily 24 भारत डेस्क: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र इस बार खासा महत्वपूर्ण रहने वाला है. 19 से 24 दिसंबर तक चलने वाले इस छोटे सत्र में सरकार अनुपूरक बजट सहित कई अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष SIR से लेकर कानून-व्यवस्था तक कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है.
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है. कैबिनेट बाई सर्कुलेशन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और अब अंतिम स्वीकृति के लिए इसे राज्यपाल के पास भेजा जा रहा है. सत्र भले ही छह दिनों का है, लेकिन एजेंडा बेहद व्यस्त रहने वाला है.सत्र की शुरुआत दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि देने की परंपरा के साथ होगी. इसके बाद सरकार चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश कर सकती है.
माना जा रहा है कि बजट 22 दिसंबर को सदन के पटल पर लाया जाएगा. इसके साथ ही 10 से अधिक विधेयक भी सदन में पेश किए जा सकते हैं.सरकार ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, स्वच्छ पेयजल, आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं पर फोकस करने जा रही है. साथ ही, सरकार अपने दूसरे कार्यकाल की योजनाओं और उपलब्धियों को भी सदन में प्रस्तुत करेगी. हाल के महीनों में जारी कई अध्यादेशों को विधेयक का रूप देने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है.
सत्र की असली गर्मी विपक्ष की तैयारियों से आएगी. पंचायत चुनावों से पहले हो रहे इस सत्र को राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. प्रदेशभर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान यानी SIR को लेकर विपक्ष पहले ही हमलावर है. सपा, कांग्रेस और अन्य दल सरकार को कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर घेरेने की रणनीति बना चुके हैं. एक ओर सरकार विकास कार्यों और बजट से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में जुटी है, तो दूसरी ओर विपक्ष पूरे दमखम से सरकार पर सवालों की बौछार करने वाली है. ऐसे में छोटा होते हुए भी यह सत्र बेहद गरम और कार्य-व्यस्त रहने की पूरी संभावना है.