Daily 24 भारत डेस्क: ‘आपदा में अवसर’ सबसे ज्यादा विमानन कंपनियां खोजती हैं। महाकुंभ के दौरान किराए के नाम पर इनकी खुलेआम ब्लैकमेलिंग को सभी ने देखा था। जहां दिल्ली और वाराणसी के बीच का किराया लंदन-अमेरिका से भी ज्यादा वसूला। ये नंगा नाच पूरे महाकुंभ मेले के अंत तक चला। ऐसा ही नजारा कमोबेश इस वक्त भी देखने को मिल रहा है। इंडिगो के विमान जमीन पर पड़े हैं, पूरे देश की उड़ाने ठप हैं। यात्रियों में हाहाकार और चिल्ला-पुकार मची है, पहले से टिकट बुक कराए लोग हवाईअड्डों पर हंगामा काट रहे हैं। यात्री किसी भी सूरत में अपने गंतव्यों तक पहुंचना चाहते हैं।
ऐसे बिगड़े हालातों की नजाकतों को भांपते हुए और शॉटेज फलाइटों का फायदा उठाते हुए दूसरी विमान कंपनियों ने गट से अपने किरायों में दस से लेकर पंद्रह गुना तक वृद्वि की हुई है। यात्री मजबूरी में उनकी ब्लैकमेलिंग को सह रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को बिना देर किए हस्तक्षेप करना चाहिए और रद विमानों की जगह वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर यात्रियों के लिए समुचित सुविधाएं पहुंचानी चाहिए। पर, अफसोस ऐसा किया नहीं जा रहा। देश के हवाईअड्डों के हालात सामान्य बसअड्डों की भांति हुए पड़े हैं। यात्री सामानों के साथ छत के नीचे पड़े हैं। भंयकर कड़ाके की ठंड़ का भी सामना कर रहे हैं। जो स्थिति दिख रही है, उससे प्रतीत होता है कि हालात शायद जल्द सुधरने वाले नहीं हैं। क्योंकि उनकी ओर एक अधिकृत बयान में बताया गया है कि 15 दिसंबर तक स्थिति सुधर सकती है। लेकिन पक्का नहीं?
इंडिगो की 250 उड़ानें कैंसिल, दिल्ली, बेंगलुरु, अहमादाबाद और हैदराबाद में सबसे ज्यादा दिक्कत। दिल्ली एयरपोर्ट से इंडिगो की 134 उड़ानें रद्द। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 18 उड़ानें रद्द। केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट (बेंगलुरु) पर 127 फ्लाइट रद्द। यात्रियों को हो रही भारी दिक्कतें।@indigo… pic.twitter.com/a3AIpeSs8p
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इंडिगो संकट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान। सुप्रीम कोर्ट ने इंडिगो एयरलाइंस संकट पर सुनवाई से इंकार किया। कोर्ट ने कहा-यह मामला सरकार देख रही है, और एयरलाइन चलाना कोर्ट का काम नहीं है।@IndiGo6E #SupremeCourt #AviationCrisis #IndiGoCrisis pic.twitter.com/E7Kf1S8sOv
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2006 के अगस्त में दिल्ली-मुंबई के बीच उड़ान से शुरू हुई इंडिगो की कहानी आज ऐसे मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है जहां से आगे के कदम बेहद मुश्किल होंगे। इंडिगो की नींव वर्ष-2005 में रखी गई थी। आज भारत के विमानन बाजार में इंडिगो सबसे बड़ी कंपनी है उसकी इस क्षेत्र में करीब 64 फीसदी हिस्सेदारी है। अब यही बड़ा कद उसकी हजारों उड़ानें कैंसिल होने और यात्रियों को हुई बेशुमार दिक्कतों के चलते सवालों के घेरे में है। संसद में भी इंडिगो की कथित ‘मनोपली’ पर सवाल उठे। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तो इस संकट को सीधे केंद्र की ‘मनोपली मॉडल’ को जिम्मेदार ठहराया है। पर, ये सब्जेक्ट राजनीति नहीं चाहता, सहुलियत चाहता है। यात्रियों को सुविधाएं मिले, इसके लिए समुचित कदम उठाए जाने की जरूरत है।
डॉ.रमेश ठाकुर