डेली24भारत डेस्क: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लंबे समय बाद भारत आ रहे हैं। वे 4 दिसंबर को भारत पहुंचेंगे और 5 दिसंबर को कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ करने वाले हैं। युद्ध की परिस्थितियों के बीच भी पुतिन भारत के साथ अपने रिश्तों को और मज़बूत करना चाहते हैं, और इसके लिए वे कई खास उपहार तथा बड़ी योजनाएँ लेकर आ रहे हैं। उनके साथ आने वाले प्रतिनिधि मंडल से ही अंदाज़ा लग जाता है कि भारत-रूस के बीच किन क्षेत्रों में बड़े समझौते होने वाले हैं। इस दौरे में रूस की सरकार के कुल 7 प्रमुख मंत्री शामिल होंगे—यानी यह लगभग पूरी शीर्ष नेतृत्व टीम का भारत आना है।
पुतिन का पूरा शेड्यूल
पुतिन लगभग 30 घंटे भारत में रुकेंगे। 4 दिसंबर की शाम करीब 6 बजे वे दिल्ली पहुँचेंगे और उसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी आमने-सामने की निजी बैठक होगी। यह अनौपचारिक बातचीत डिनर के दौरान होगी, लेकिन अगले दिन होने वाली आधिकारिक घोषणाओं की दिशा इसी से तय होगी।
5 दिसंबर को दोनों नेता मीडिया के सामने आएँगे और बताएँगे कि किन-किन क्षेत्रों में भारत और रूस के बीच समझौते हुए हैं।
पुतिन के साथ कौन-कौन से मंत्री आ रहे हैं?
उनके साथ आने वाले 7 मंत्रियों की सूची बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें शामिल हैं:
- रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोउसॉफ
- वित्त मंत्री एंतोन सिलुआनोव
- कृषि मंत्री ऑक्साना लूट
- आर्थिक विकास मंत्री मक्सिम रेशेत्निकोव
- स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को
इससे साफ संकेत मिलता है कि रक्षा, व्यापार, कृषि, आर्थिक विकास और स्वास्थ्य जैसे बड़े क्षेत्रों में अहम समझौते होने वाले हैं।
India–Russia के बीच संभावित डील्स
पुतिन के आने से ठीक पहले ही एक बड़ी सामग्री और लॉजिस्टिक डील—RELOS—को रूसी संसद ने मंजूरी दे दी। इस समझौते के बाद दोनों देशों की सेनाएँ, जहाज़ और विमान एक-दूसरे के ठिकानों और एयरस्पेस का उपयोग आसानी से कर सकेंगे। यह संयुक्त सैन्य अभ्यास और कठिन परिस्थितियों में बड़ा कदम साबित होगा।
इसके अलावा Su-57E स्टील्थ फाइटर जेट, S-400 की बची सप्लाई और अन्य रक्षा योजनाओं पर भी बातचीत की संभावना है।
दोनों देश 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर से अधिक तक बढ़ाना चाहते हैं, जो फिलहाल लगभग 68 अरब डॉलर है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत–रूस के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन की शुरुआत 2000 में हुई थी और वह भी पुतिन के समय में। अब 25 साल बाद, इस सिल्वर जुबली सम्मेलन में भी वही राष्ट्रपति भारत के मेहमान हैं।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर